पत्नी के नाम वाले लोडर से कर रहा था गोतस्करी, धीना पुलिस ने कोर्ट के वारंटी को मनीपट्टी चट्टी से दबोचा

 

चन्दौली की धीना पुलिस ने गोतस्करी मामले में फरार चल रहे वारंटी धर्मराज बिन्द को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी अपनी पत्नी के नाम पर लोन पर लिए गए लोडर वाहन से गोवंशों को वध के लिए पश्चिम बंगाल भेजता था।

 
 

गोतस्करी मामले में वांछित अभियुक्त गिरफ्तार

मनीपट्टी चट्टी से पकड़ा गया आरोपी

पत्नी के नाम पर लिया था लोडर

पश्चिम बंगाल तक जुड़ा था तस्करी नेटवर्क

अभियुक्त के खिलाफ कोर्ट से था वारंट

चंदौली जिले की धीना थाना पुलिस ने गोतस्करी के एक पुराने मामले में फरार चल रहे वारंटी अभियुक्त को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है। पकड़े गए आरोपी का नाम धर्मराज बिन्द है, जो धानापुर थाने के अटौली गांव का रहने वाला है। पुलिस को काफी समय से इसकी तलाश थी और पकड़े न जाने के कारण कोर्ट ने इसके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट भी जारी कर रखा था।

महुजी चौकी के पास खुली थी पहली पोल
इस पूरे मामले की शुरुआत 9 अप्रैल 2026 को हुई थी, जब मुखबिर की सूचना पर महुजी चौकी प्रभारी ने बघरी मस्जिद के पास से एक नीले रंग के मैजिक लोडर को पकड़ा था। उस दौरान पुलिस ने गाड़ी चला रहे नीरज को एक राशि गोवंश के साथ गिरफ्तार किया था। धीना थाने में इस संबंध में केस दर्ज कर जब पुलिस ने आगे की जांच शुरू की, तो इस पूरे खेल के पीछे धर्मराज बिन्द का नाम सामने आया। तब से धीना पुलिस इसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही थी।

पत्नी के नाम पर ली थी गाड़ी, लोन चुकाने के लिए शुरू किया धंधा
थाना प्रभारी निरीक्षक दिलीप श्रीवास्तव के नेतृत्व में पुलिस टीम ने 10 जून 2026 को जाल बिछाकर धर्मराज को मनीपट्टी चट्टी के पास से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस पूछताछ में आरोपी ने अपना जुर्म कबूल करते हुए एक चौंकाने वाला खुलासा किया। धर्मराज ने बताया कि उसने अपनी पत्नी के नाम पर लोन पर मैजिक लोडर गाड़ी (UP67BT6096) ली थी। गाड़ी की किस्तें जल्द से जल्द चुकाने और ज्यादा मुनाफा कमाने के लालच में उसने अपने रिश्तेदार के साथ मिलकर गोतस्करी का प्लान बना डाला।

चंदौली से बिहार होते हुए बंगाल तक फैला था नेटवर्क
पूछताछ में यह बात सामने आई कि तस्कर पहले इन गोवंशों को गाड़ियों में लादकर बिहार ले जाते थे। जब बिहार में काफी संख्या में गोवंश इकट्ठा हो जाते थे, तो उन्हें बड़ी गाड़ियों में भरकर वध के लिए पश्चिम बंगाल के पंडुआ क्षेत्र में भेज दिया जाता था, जहाँ ऊंचे दामों में बेचने पर इन्हें मोटा आर्थिक लाभ होता था।

आरोपी का पुराना आपराधिक इतिहास
धीना पुलिस के मुताबिक पकड़े गए अभियुक्त धर्मराज बिन्द का पहले से भी आपराधिक इतिहास रहा है। उसके खिलाफ धीना थाने में गोवध निवारण अधिनियम के अलावा धानापुर थाने में आबकारी अधिनियम (शराब तस्करी) के तहत भी मामला दर्ज है। इस कामयाबी को हासिल करने वाली पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक दिलीप श्रीवास्तव के साथ उपनिरीक्षक तेजबीर सिंह और कांस्टेबल संजय वर्मा मुख्य रूप से शामिल रहे।