ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत 5 अपराधियों को मिली सजा, 3 मामलों में आ गया है फैसला

मामले में पुलिस की ओर से प्रभावी पैरवी उपनिरीक्षक आकाश त्रिपाठी, एपीओ विजय पांडेय और पैरोकार सुबहान अहमद द्वारा की गई।
 

 चंदौली पुलिस को सजा दिलाने में मिली सफलता

3 मुकदमों के मामलों में दोषियों को मिली सजा

जानिए किनको मिली है अपराध की सजा

चंदौली जिले में संचालित ऑपरेशन कन्विक्शन अभियान के अंतर्गत जनपदीय पुलिस की कुशल विवेचना, साक्ष्य संकलन और लोक अभियोजकों की प्रभावी पैरवी के चलते अपराधियों को त्वरित सजा दिलाई जा रही है। इसी क्रम में गुरुवार 24 जुलाई को चंदौली के विभिन्न थानों में दर्ज तीन अलग-अलग मामलों में कुल पांच अभियुक्तों को सजा सुनाई गई।

सैयदराजा केस: आर्म्स एक्ट में दोषी को सजा
थाना सैयदराजा में दर्ज वर्ष 2003 के एक मामले में अभियुक्त मनोज कुमार कशेरा पुत्र शंकर प्रसाद कशेरा, निवासी परेव, थाना बिहटा, पटना (बिहार) को 3/25 आर्म्स एक्ट के तहत दोषी पाया गया। मामले की सुनवाई मा. न्यायालय सिविल जज (जू.डि.)/जेएम इन्दू रानी द्वारा की गई। अभियुक्त को न्यायालय उठने तक की सजा और ₹1000 का अर्थदंड सुनाया गया। अर्थदंड अदा न करने की स्थिति में उसे 10 दिन की अतिरिक्त जेल की सजा भुगतनी होगी। इसमें उप निरीक्षक आकाश त्रिपाठी व पैरोकार राजीव प्रजापति की सक्रिय भूमिका से सजा संभव हुई।

बबुरी थाना मामला: गोवध व पशु क्रूरता अधिनियम में अभियुक्त दोषी
थाना बबुरी में दर्ज अपराध संख्या 22/2004 में अभियुक्त बच्चन बियार पुत्र सुभग्गा बियार, निवासी बहेरा, चंदौली को गोवध निवारण अधिनियम व पशु क्रूरता अधिनियम के तहत दोषी ठहराया गया।  न्यायालय अपर सिविल जज (जूनियर डिविजन)/जेएम चकिया यज्ञेश कुमार सोनकर ने अभियुक्त को अब तक जेल में बिताई गई अवधि व ₹1500 के अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने पर उसे 10 दिन का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। इसमें प्रभावी पैरवी में उपनिरीक्षक आकाश त्रिपाठी, पीओ विपिन बिहारी यादव और पैरोकार रामनरायण की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

धानापुर थाना मामला: मारपीट और धमकी देने के तीन दोषियों को सजा
थाना धानापुर में वर्ष 2017 के एक मामले में धारा 323, 504, 506, 427 IPC के अंतर्गत तीन अभियुक्तों — लाल बहादुर पटेल, शेषनाथ पटेल और सविता देवी, निवासी डेढ़वलिया — को दोषी ठहराया गया। न्यायिक मजिस्ट्रेट, चंदौली की अदालत ने तीनों को न्यायालय उठने तक की सजा और ₹9000 के कुल अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड न देने की स्थिति में तीनों को 3 दिन की अतिरिक्त जेल भुगतनी होगी।
मामले में पुलिस की ओर से प्रभावी पैरवी उपनिरीक्षक आकाश त्रिपाठी, एपीओ विजय पांडेय और पैरोकार सुबहान अहमद द्वारा की गई।