चंदौली पुलिस ने नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह का किया पर्दाफाश, 4 आरोपी गिरफ्तारी

यह मामला तब उजागर हुआ जब चंदौली निवासी चंद्रभान मौर्या ने शिकायत दी कि उनसे और उनके साथियों से नौकरी दिलाने के नाम पर कई किस्तों में लाखों रुपये वसूले गए।
 

चंदौली में ठगी करने वाला गिरोह बेनकाब

सरकारी नौकरी का झांसा देकर लाखों की ठगी

फर्जी ट्रेनिंग सर्टिफिकेट और आईडी कार्ड बरामद

5.45 लाख रुपये की धोखाधड़ी का खुलासा

चंदौली जिले के पुलिस ने शनिवार को नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया। यह गिरोह बेरोजगार युवाओं को जिला, ब्लॉक और पंचायत स्तर पर सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर लाखों रुपये वसूल रहा था। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से फर्जी दस्तावेज, विभागीय सामग्री और 73 हजार रुपये नकद बरामद किए हैं।

आपको बता दें कि गिरफ्तारी चंदौली मझवार रेलवे स्टेशन के पास मुखबिर की सूचना पर हुई। पुलिस ने बताया कि गिरोह अब तक बेरोजगार युवाओं से 5,45,000 रुपये ठग चुका है। वे युवाओं को नकली ट्रेनिंग सर्टिफिकेट, पहचान पत्र और वर्दी देकर नियुक्ति का भरोसा दिलाते थे।
ऐसे करते थे ठगी

गिरफ्तार आरोपी अशोक सम्राट, संजीव कुमार, आशीष कुमार और आनंद चौहान ने पूछताछ में बताया कि उनकी खुद की नौकरी नहीं लग रही थी, इसलिए उन्होंने यूट्यूब से जानकारी लेकर एक गिरोह बनाया और ठगी शुरू कर दी। वे नौकरी के लिए जिला स्तर पर 2.5 लाख रुपये, ब्लॉक स्तर पर 1 लाख रुपये और पंचायत स्तर पर 60 हजार रुपये तक वसूलते थे। इसके बदले नकली नियुक्ति पत्र, आईडी कार्ड और विभागीय सामग्री देते थे।
पीड़ित की शिकायत पर खुला राज

यह मामला तब उजागर हुआ जब चंदौली निवासी चंद्रभान मौर्या ने शिकायत दी कि उनसे और उनके साथियों से नौकरी दिलाने के नाम पर कई किस्तों में लाखों रुपये वसूले गए। आरोपियों ने उन्हें कानपुर बुलाकर फर्जी ट्रेनिंग कराई और नकली ज्वाइनिंग लेटर दिया।
बरामदगी

पुलिस ने आरोपियों के पास से बरामद किया—

    11 फर्जी आईडी कार्ड

    गृह मंत्रालय भारत सरकार की 2 नकली मुहर और अन्य 2 मुहर

    1 लैपटॉप, 1 टैबलेट, 8 मोबाइल फोन

    8 जोड़ी जूते, 10 जोड़ी विभागीय टी-शर्ट, 20 नेम प्लेट

    73,000 रुपये नकद

गिरफ्तारी में शामिल टीम में निरीक्षक संजय कुमार सिंह, वरिष्ठ उपनिरीक्षक शिवपूजन बिंद, उपनिरीक्षक रावेन्द्र सिंह, कन्हैया लाल मौर्य, रामसुजान यादव, चालक हेड कांस्टेबल शिवचन्द्र सरोज, हेड कांस्टेबल संजीत साह, कांस्टेबल नीलकमल यादव, पीआरडी रामआधार शामिल रहें। 

पुलिस ने बताया कि गिरोह के खिलाफ मुक़दमा अपराध संख्या -191/2025, धारा 316(2)/319(2)/318(4)/338/336(3)/340(2) बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।