फर्जी तरीके से डीजल की कालाबाजारी: आइडियल सर्विस सेंटर समेत कई पर मुकदमा, 25 हजार लीटर लोड टैंकर सीज
चंदौली में अवैध डीजल टैंकर जब्त
13,986 लीटर डीजल का मिला झोल
आइडियल सर्विस सेंटर पेट्रोल पंप पर केस
बिहार भेजी जानी थी डीजल की खेप
फर्जी बिल्टी और ई-वे बिल का खेल
चंदौली जिले में अवैध डीजल के धंधे को लेकर पुलिस और पूर्ति विभाग ने बहुत बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने गश्त के दौरान 25 हजार लीटर डीजल से भरा एक बड़ा टैंकर जब्त किया है। जब मामले की गहराई से जांच शुरू हुई, तो गंजख्वाजा स्थित 'आइडियल सर्विस सेंटर' पेट्रोल पंप की भी पोल खुल गई।
रात के अंधेरे में पकड़ा गया 25 हजार लीटर का टैंकर
पूरी घटना सात अक्टूबर की रात की है। रात करीब तीन बजे पुलिस को मुखबिर से गुप्त सूचना मिली थी कि एक टैंकर में भारी मात्रा में अवैध डीजल ले जाया जा रहा है। पुलिस ने तुरंत घेराबंदी करके टैंकर (नंबर MH 46 AF 3359) को रोक लिया। गाड़ी में पूरे 25 हजार लीटर डीजल भरा हुआ था।
फर्जी कागजात के सहारे चल रहा था डीजल का परिवहन
पुलिस की शुरुआती पूछताछ में पता चला कि यह डीजल नकली और कूटरचित बिल्टी, इनवॉइस व ई-वे बिल के जरिए इधर से उधर भेजा जा रहा था। पुलिस ने गाड़ी को नवीन मंडी परिसर में खड़ा करवा दिया और चालक अवधेश कुमार को तुरंत हिरासत में ले लिया।
पूर्ति विभाग की जांच में खुली पेट्रोल पंप की पोल
जब पूर्ति निरीक्षक विवेक कुमार ने चालक से दस्तावेज मांगे, तो वह वैध कागजात नहीं दिखा सका। चालक ने बताया कि यह डीजल गंजख्वाजा के आइडियल सर्विस सेंटर पेट्रोल पंप से भरा गया था और यह गाड़ी जौनपुर के सतहरिया स्थित एपेक्स पेट्रोकेम इंडस्ट्रीज से जुड़ी है।
स्टॉक रजिस्टर में पाया गया 13,986 लीटर का अंतर
आठ अक्टूबर को अधिकारियों ने जब पेट्रोल पंप के स्टॉक और बिक्री रजिस्टर की जांच की, तो वहां आंकड़ों का बड़ा झोल सामने आया। पांच, छह और सात अक्टूबर के शुरुआती स्टॉक और बिक्री के आंकड़ों को मिलाने पर पूरे 13,986 लीटर डीजल का अंतर मिला। इतना ही नहीं, रजिस्टर में व्हाइटनर लगाया गया था और ओवरराइटिंग भी की गई थी।
सीसीटीवी खराब होने का बनाया बहाना
जब अधिकारियों ने पेट्रोल पंप के मैनेजर से ऑटोमेशन रिपोर्ट और सीसीटीवी फुटेज मांगी, तो मैनेजर ने बहाना बना दिया। उसने कहा कि उसके पास ऑटोमेशन रिपोर्ट उपलब्ध नहीं है और आंधी-पानी की वजह से पेट्रोल पंप के सीसीटीवी कैमरे खराब पड़े हैं।
पंप मालिकों और टैंकर चालक समेत कई पर केस
गंभीर धांधली सामने आने के बाद जिलाधिकारी की अनुमति से टैंकर चालक अवधेश कुमार, वाहन मालिक नितेश सिंह, एपेक्स पेट्रोकेम इंडस्ट्रीज और पेट्रोल पंप के प्रोपराइटरों - हरिदास कपूर, रजत सभरवाल, निधि चौधरी व मैनेजर राजेश तिवारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है। इन सभी पर आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 3/7 के तहत मुकदमा दर्ज हुआ है।
बिहार भेजा जा रहा था डीजल
मामले में सदर इंस्पेक्टर बिन्देश्वरी पांडेय ने बताया कि चालक को मौके से ही गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि बाकी फरार आरोपियों की तलाश में छापेमारी जारी है। पुलिस के मुताबिक यह डीजल अवैध रूप से बिहार में सप्लाई किया जाता था। जांच आगे बढ़ने के साथ इस काले धंधे में शामिल कुछ और लोगों के नाम भी सामने आ सकते हैं।