मिट्टी भिगोने पर पड़ोसी को लहूलुहान करने वाले सगे भाई गिरफ्तार, कन्दवा पुलिस ने करौती गेट से दबोचा

 

चंदौली के कन्दवा में मिट्टी भिगोने के मामूली विवाद में पड़ोसी बुजुर्ग और उनके परिवार पर जानलेवा हमला करने वाले दो सगे भाइयों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। घायल बुजुर्ग का वाराणसी में इलाज चल रहा है। पूरी खबर पढ़ें।

 
 

मिट्टी भिगोने पर हुआ खूनी विवाद

कन्दवा पुलिस ने दबोचे दो आरोपी

करौती गेट के पास से गिरफ्तारी

घायल बुजुर्ग का वाराणसी में इलाज

दोनों आरोपी भेजे गए जेल

 चंदौली जिले के कन्दवा थाना क्षेत्र के करौती गांव में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहाँ घर के सामने मिट्टी भिगोने जैसी छोटी सी बात को लेकर दो पड़ोसियों के बीच जमकर मारपीट हो गई। यह विवाद इतना बढ़ गया कि आरोपियों ने बुजुर्ग और उनके पूरे परिवार को लाठी-डंडों से पीट-पीटकर लहूलुहान कर दिया।

बचाने आए परिवार को भी बेरहमी से पीटा
पुलिस को दी गई तहरीर के अनुसार, यह पूरी घटना बीते 26 जून 2026 की है। पीड़ित श्रवण कुमार के पिता अपने घर के सामने मिट्टी भिगो रहे थे। इसी बीच पड़ोस में रहने वाले दो सगे भाई अशोक और मन्नू राम वहाँ आए और बिना किसी कारण के गाली-गलौज करने लगे। जब श्रवण और उनकी माता दुर्गावती बीच-बचाव करने आए, तो आरोपियों ने उन्हें भी बुरी तरह पीटा, जिससे तीनों को गंभीर चोटें आईं।

वाराणसी के अस्पताल में चल रहा है इलाज
इस मारपीट में बुजुर्ग पिता को सिर और शरीर पर काफी गंभीर चोटें आई हैं। घटना के तुरंत बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहाँ हालत नाजुक होने के कारण उन्हें वाराणसी के मेट्रो ऋषि देव हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। फिलहाल बुजुर्ग का इलाज अस्पताल में चल रहा है। पीड़ित पक्ष की तहरीर पर कन्दवा पुलिस ने २९ जून को विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था।

रात के अंधेरे में करौती गेट से दबोचे गए आरोपी
घटना के बाद से ही दोनों आरोपी भाई फरार चल रहे थे। उच्चाधिकारियों के निर्देश पर थानाध्यक्ष विनोद कुमार अंचल के नेतृत्व में पुलिस टीम लगातार आरोपियों की तलाश कर रही थी। बीती रात करीब 10:10 बजे मुखबिर की सटीक सूचना पर पुलिस टीम ने घेराबंदी करके वांछित आरोपी अशोक (36 वर्ष) और मन्नू राम (33 वर्ष) को करौती गेट के पास से गिरफ्तार कर लिया।

कार्रवाई करने वाली पुलिस टीम
इस गिरफ्तारी को अंजाम देने वाली टीम में थानाध्यक्ष विनोद कुमार अंचल के साथ उपनिरीक्षक दिनेश कुमार मिश्र, रिक्रूट कांस्टेबल नायब यादव, रिक्रूट कांस्टेबल अमित कुमार, कांस्टेबल आशीष कुमार और हेड कांस्टेबल भरत सिंह शामिल रहे। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ आवश्यक वैधानिक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।