MLC बनाने के नाम पर 17.22 लाख रुपये की ठगी: अलीनगर पुलिस ने शातिर ठग चंद्रबहादुर मौर्य को दबोचा

 

चंदौली की अलीनगर पुलिस ने एमएलसी (MLC) पद दिलाने के नाम पर महिला से 17.22 लाख रुपये ऐंठने वाले शातिर ठग चंद्रबहादुर मौर्य को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पैसे मांगने पर जान से मारने की धमकी दे रहा था।

 
 

एमएलसी पद के नाम पर 17.22 लाख की ठगी

अलीनगर पुलिस के हत्थे चढ़ा शातिर अभियुक्त

पैसे मांगने पर दी जान से मारने की धमकी

भदोही निवासी आरोपी चंद्रबहादुर मौर्य गिरफ्तार

गंजीप्रसाद तिराहे के पास से हुई गिरफ्तारी

चंदौली जिले की अलीनगर थाना पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने विधान परिषद सदस्य (MLC) पद दिलाने का झांसा देकर 17.22 लाख रुपये की ठगी करने वाले वांछित अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़ा गया आरोपी लोगों को राजनीतिक पद दिलाने के नाम पर अपने जाल में फंसाता था और लाखों रुपये ऐंठ लेता था।

गिरफ्तार किए गए अभियुक्त का नाम चंद्रबहादुर मौर्य (उम्र 41 वर्ष) है, जो भदोही जिले के संतरविदासनगर अंतर्गत पिपरी गांव का रहने वाला है। वह काफी समय से इस धोखाधड़ी के मुकदमे में वांछित चल रहा था।

पैसे मांगने पर दी गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी
मामला 13 मई 2024 का है, जब अलीनगर क्षेत्र के कैली गांव निवासी रीता चिरई से अभियुक्त चंद्रबहादुर मौर्य ने एमएलसी पद दिलाने के नाम पर कुल 17 लाख 22 हजार रुपये ऐंठ लिए थे। इसके बाद जब वादिनी ने अपना काम न होने पर पैसे वापस मांगे, तो आरोपी टाल-मटोल करने लगा।

ज्यादा दबाव बनाने पर आरोपी ने महिला के साथ गाली-गलौज की और उन्हें जान से मारने की गंभीर धमकी दी। पीड़िता की शिकायत पर 7 दिसंबर 2025 को अलीनगर थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया था और पुलिस लगातार आरोपी की तलाश कर रही थी।

गंजीप्रसाद तिराहे के पास से पुलिस ने दबोचा
उच्च अधिकारियों के निर्देश पर अलीनगर थाना प्रभारी निरीक्षक गगन राज सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम आरोपी की धरपकड़ में जुटी थी। 17 अगस्त 2026 की सुबह करीब 8:05 बजे पुलिस को मुखबिर से सटीक सूचना मिली।

सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने गंजीप्रसाद तिराहे के आगे जीटीआर पुल की बायीं पटरी के पास घेराबंदी कर आरोपी चंद्रबहादुर मौर्य को दबोच लिया। गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक गगनराज सिंह, निरीक्षक रमेश कुमार यादव, कांस्टेबल अली अहमद और कांस्टेबल आकाश सिंह शामिल रहे। पुलिस ने आरोपी को अदालत में पेश कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।