शौक पूरा करने के लिए डकैत बने थे 4 छात्र, 70 CCTV कैमरों की मदद से मुगलसराय पुलिस ने सुलझाई लूट की मिस्ट्री
चंदौली की मुगलसराय पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम ने मुनीब से हुई ₹1.34 लाख की लूट का सफल खुलासा किया है। महंगे शौक और जल्दी अमीर बनने के चक्कर में अपराध की राह चुनने वाले चार छात्र अभियुक्तों को पुलिस ने दबोच लिया है।
मुगलसराय पुलिस और एसओजी ने किया लूट का सनसनीखेज खुलासा
पुलिस ने गिरफ्तार अभियुक्तों से ₹60 हजार की नगदी की बरामद
सुराग तलाशने के लिए खंगाले गए 25 किलोमीटर के 70 सीसीटीवी कैमरे
लाइनर आकाश यादव की मुखबिरी पर रची गई थी लूट की पूरी साजिश
महंगे शौक और जल्द पैसे कमाने की चाह में छात्र बने अपराधी
चंदौली जिले की मुगलसराय कोतवाली पुलिस ने स्वात (SOG), सर्विलांस और साइबर सेल की संयुक्त टीम के साथ मिलकर एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। पुलिस टीम ने विगत दिनों मुनीब से हुई ₹1.34 लाख की सनसनीखेज और अंधाधुंध लूट की वारदात का सफल अनावरण करते हुए चार शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस प्रशासन ने पकड़े गए इन लुटेरों के कब्जे से लूटी गई रकम में से ₹60,000 नगद, घटना को अंजाम देने में इस्तेमाल की गई दो मोटरसाइकिलें, चार एक्टिव मोबाइल फोन और मुनीब से छीना गया बैग बरामद करने में सफलता प्राप्त की है। इस त्वरित कार्रवाई के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली की सराहना की जा रही है।
चौरहट के समीप मुनीब को धक्का देकर दिया था वारदात को अंजाम
पुलिस से प्राप्त विवरण के अनुसार, वाराणसी के मूल निवासी महताब अहमद ने बीते 21 मई को स्थानीय थाने में एक लिखित तहरीर दी थी। पीड़ित ने बताया था कि वह विभिन्न क्षेत्रों के दुकानदारों से तगादा (उगाही) के रुपयों की वसूली कर अपनी मोपेड से वापस लौट रहे थे। इसी दौरान जैसे ही वे ग्राम चौरहट के नजदीक पहुंचे, तभी दो मोटरसाइकिलों पर सवार होकर आए अज्ञात बदमाशों ने उन्हें जानबूझकर जोरदार धक्का दिया और नीचे गिरा दिया। इसके बाद बदमाश उनका रुपयों से भरा बैग बलपूर्वक छीनकर रफूचक्कर हो गए। पीड़ित के मुताबिक, उस बैग में विभिन्न दुकानदारों से वसूले गए करीब ₹1,34,000 की नगदी मौजूद थी। इस तहरीर के आधार पर मुगलसराय पुलिस ने सुसंगत धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कर तफ्तीश शुरू की थी।
70 सीसीटीवी कैमरों के इनपुट्स पर हुई गिरफ्तारी
लूट की इस बड़ी वारदात को ट्रेस करने के लिए पुलिस कप्तान के निर्देश पर गठित टीमों ने कड़ा वैज्ञानिक जाल बिछाया। पुलिस ने अपराधियों के भागने के रूट को ट्रैक करने के लिए करीब 25 किलोमीटर के लंबे दायरे में स्थापित 70 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज का बेहद बारीकी से विश्लेषण किया। इसी बीच पुलिस को एक सटीक मुखबिर से ठोस सूचना प्राप्त हुई, जिसके आधार पर पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 'ओपी गार्डेन' के ठीक सामने घेराबंदी कर दी। इस रणनीतिक घेराबंदी के दौरान मौके से चार अभियुक्तों को सफलतापूर्वक दबोच लिया गया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की शिनाख्त आर्यन श्रीवास्तव, शिवांग पाण्डेय, मोहम्मद तारिक अंसारी उर्फ आर्यन और देव सरकार उर्फ दयाल के रूप में की गई है।
महंगे शौक ने छात्रों को बनाया लुटेरा
पुलिस द्वारा की गई कड़ाई से पूछताछ में गिरफ्तार अभियुक्तों ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। उन्होंने बताया कि उनका एक अन्य साथी आकाश यादव, जो स्वयं भी इसी तगादा वसूली के कार्य से जुड़ा हुआ है, उसने ही मुनीब महताब अहमद के पल-पल के मूवमेंट और रुपयों के संबंध में सटीक जानकारी (लाइन) लीक की थी। इसी सूचना के आधार पर सभी ने मिलकर पहले पूरे रास्ते की रेकी की और फिर सुनियोजित तरीके से वारदात को अंजाम दिया।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, पकड़े गए सभी आरोपी मूल रूप से छात्र हैं। ये सभी युवा जल्दी पैसा कमाने, जुए-सट्टे या अपने महंगे शौक को पूरा करने की अंधी चाहत में अपराध के इस दलदल में उतर आए। फिलहाल पुलिस इस घटना में संलिप्त फरार चल रहे दो अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही है।