मुगलसराय पुलिस ने चोरी के दो मामलों का खुलासा, ई-रिक्शा और नकदी के साथ 3 शातिर चोर गिरफ्तार
चन्दौली की मुगलसराय पुलिस ने सक्रियता दिखाते हुए चोरी की दो बड़ी घटनाओं का सफल अनावरण किया है। पुलिस ने ई-रिक्शा और नलकूप गेट चोरी में शामिल तीन शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से माल बरामद किया है।
मुगलसराय पुलिस द्वारा चोरी के दो केसों का अनावरण
तीन शातिर चोरों की गिरफ्तारी और माल बरामद
चोरी का ई-रिक्शा और 4,500 रुपये नकद जब्त
नलकूप का लोहे का गेट चोरी करने वाला गैंग पकड़ा
मुखबिर की सूचना पर डाँडी पेट्रोल पंप से गिरफ्तारी
चंदौली जिले में अपराध और अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत मुगलसराय थाना पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस टीम ने इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों और मुखबिर की सटीक सूचना के आधार पर चोरी की दो अलग-अलग घटनाओं का खुलासा करते हुए तीन शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों के पास से चोरी का एक ई-रिक्शा और नकद राशि बरामद की गई है।
नलकूप गेट और ई-रिक्शा चोरी की दो घटनाएं
चोरी का पहला मामला 26 अप्रैल 2026 की रात का है, जहाँ ग्राम बहादुरपुर स्थित नलकूप संख्या 146 MG की बाउंड्री वॉल का पिलर तोड़कर अज्ञात चोर लोहे का गेट उड़ा ले गए थे। इस संबंध में वादी पंकज कुमार गौड़ की तहरीर पर धारा 303(2) बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था।
वहीं, दूसरी घटना 2 मई 2026 की है, जब चौरहट मोहल्ले से मोहम्मद रमजान का ई-रिक्शा (UP65PT6680) चोरी हो गया था। पुलिस इन दोनों मामलों की तफ्तीश में जुटी थी और लगातार संदिग्धों पर नजर रख रही थी।
घेराबंदी कर डाँडी पेट्रोल पंप के पास से हुई गिरफ्तारी
थानाध्यक्ष विजय प्रताप सिंह के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम को 4 मई 2026 की रात करीब 8:42 बजे मुखबिर से सूचना मिली कि चोरी के ई-रिक्शा के साथ कुछ संदिग्ध डाँडी पेट्रोल पंप के पास मौजूद हैं। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए घेराबंदी की और मौके से तीन अभियुक्तों को दबोच लिया।
पकड़े गए अभियुक्तों की पहचान शाहिद (20 वर्ष) निवासी बहादुरपुर, रमेश साहनी (25 वर्ष) निवासी मिर्जापुर और हर्ष केशरी (20 वर्ष) निवासी मिर्जापुर के रूप में हुई है। इनके पास से चोरी किया गया ई-रिक्शा और चोरी का माल बेचकर मिले 4,500 रुपये नकद बरामद किए गए हैं।
पूछताछ में हुआ चौंकाने वाला खुलासा
पुलिस की कड़ी पूछताछ में अभियुक्तों ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया है। उन्होंने बताया कि वे एक संगठित गैंग की तरह काम करते हैं और रात के अंधेरे में वाहनों व सरकारी संपत्तियों को निशाना बनाते हैं। अभियुक्तों ने स्वीकार किया कि उन्होंने ही बहादुरपुर नलकूप का गेट काटकर कबाड़ी को बेच दिया था और चौरहट से ई-रिक्शा चोरी किया था। चोरी के सामान को बेचकर जो भी पैसा मिलता था, उसे वे आपस में बांट लेते थे।
इस सफल अनावरण में थानाध्यक्ष विजय प्रताप सिंह, जलीलपुर चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक अजय कुमार, हेड कांस्टेबल बसंत सिंह और गौरव सिंह की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस ने अभियुक्तों के विरुद्ध बीएनएस की सुसंगत धाराओं के तहत विधिक कार्रवाई कर उन्हें जेल भेज दिया है। स्थानीय नागरिकों ने पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई की सराहना की है।