नौगढ़ और सकलडीहा से दो वारंटी गिरफ्तार,  कोर्ट के आदेश पर हुयी कार्रवाई  

चंदौली जिले की पुलिस ने अलग-अलग थानों से दो फरार वारंटियों को गिरफ्तार किया है। नौगढ़ पुलिस ने 24 साल पुराने मामले के वारंटी को दबोचा, तो सकलडीहा पुलिस ने भरण-पोषण की राशि न देने पर एक अभियुक्त को पकड़ा।

 
 

चंदौली पुलिस ने दो वारंटियों को पकड़ा

नौगढ़ पुलिस टीम को मिली सफलता

सकलडीहा से भरण-पोषण वारंटी गिरफ्तार

4 लाख से ज्यादा बकाया पर कार्रवाई

पुलिस ने आरोपियों को भेजा जेल

चंदौली जिले में पुलिस उच्चाधिकारियों के निर्देश पर अपराधियों और वारंटियों के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में 14 सितंबर 2026 को थाना नौगढ़ और थाना सकलडीहा की पुलिस टीमों ने अलग-अलग मामलों में वांछित चल रहे दो वारंटी अभियुक्तों को उनके घरों से गिरफ्तार कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।

नौगढ़ पुलिस ने पुराने मामले के वारंटी को पकड़ा
थानाध्यक्ष संतोष कुमार के नेतृत्व में नौगढ़ पुलिस टीम ने गैर-जमानती वारंट (NBW) की तामीली के दौरान एक अभियुक्त को दबोचा। पुलिस ने मुकदमा संख्या 494/02 (धारा 216 भादवि) से संबंधित वारंटी मुन्ना हरिजन (55 वर्ष), पुत्र रतन कुमार, निवासी ग्राम खुटहण को उसके घर से गिरफ्तार किया।

इस गिरफ्तारी को अंजाम देने वाली टीम में थानाध्यक्ष संतोष कुमार के साथ उप-निरीक्षक तरुण पाण्डेय और कांस्टेबल सतीश यादव शामिल रहे। आरोपी लंबे समय से कोर्ट के आदेशों की अनदेखी कर फरार चल रहा था।

भरण-पोषण की राशि न चुकाने पर सकलडीहा से गिरफ्तारी
वहीं दूसरी ओर, थाना सकलडीहा पुलिस टीम ने माननीय परिवार न्यायालय चंदौली के आदेश पर बड़ी कार्रवाई की है। प्रकीर्ण वाद संख्या 97/2021 (सावित्री देवी बनाम कन्हैया) के तहत धारा 128 CRPC में न्यायालय ने कन्हैया यादव (32 वर्ष), पुत्र विजेन्द्र यादव, निवासी ग्राम घरचित को 4,09,200 रुपये जमा करने का आदेश दिया था।

निर्धारित राशि जमा न करने पर कोर्ट द्वारा जारी वसूली वारंट के आधार पर थानाध्यक्ष भूपेंद्र कुमार निषाद की अगुवाई में पुलिस ने कन्हैया यादव को उसके घर से गिरफ्तार कर लिया।

सकलडीहा से गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम में थानाध्यक्ष भूपेंद्र कुमार निषाद, उप-निरीक्षक धूरेन्द्र प्रसाद रावत, हेड कांस्टेबल सुजीत सिंह और कांस्टेबल प्रश्विन दूबे शामिल रहे। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दोनों अभियुक्तों के खिलाफ विधिक प्रक्रिया पूरी कर उन्हें संबंधित न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जा रहा है।