ऑपरेशन कन्विक्शन में 2 पशु तस्करों को सजा, 23 साल बाद आया कोर्ट का फैसला

दिनांक 22 अगस्त 2002 को थाना कंदवा क्षेत्र में गोवध निषेध अधिनियम एवं पशु क्रूरता निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था।
 

ऑपरेशन कन्विक्शन अभियान में चंदौली पुलिस की बड़ी सफलता

अदालत ने दो पुराने मामलों में सुनाया फैसला

गोवध निषेध और पशु क्रूरता अधिनियम के तहत कार्रवाई

चंदौली जिले में उत्तर प्रदेश पुलिस के विशेष अभियान ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत चंदौली जनपद में दो अलग-अलग मामलों में अभियुक्तों को अदालत ने दोषसिद्ध कर सजा सुनाई है। वैज्ञानिक विवेचना, ठोस साक्ष्य और अभियोजन की प्रभावी पैरवी के चलते दोनों मामलों में न्यायालय ने सख्ती दिखाई।

पहला मामला – थाना कंदवा

दिनांक 22 अगस्त 2002 को थाना कंदवा क्षेत्र में गोवध निषेध अधिनियम एवं पशु क्रूरता निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। इस मामले में आरोपी भगवान दास उर्फ पिंटू कुमार पुत्र राम आसरे राम निवासी मथैला थाना बलुआ को दोषी पाया गया।
1 सितंबर 2025 को न्यायालय ने उसे जेल में बिताई गई अवधि (10 दिन), न्यायालय उठने तक की सजा और 5000 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड न चुकाने पर उसे अतिरिक्त 10 दिन का कारावास भुगतना होगा।

दूसरा मामला – थाना चंदौली

इसी तरह 3 अक्टूबर 2004 को थाना चंदौली में गोवध निषेध अधिनियम एवं पशु क्रूरता निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा पंजीकृत हुआ था। इसमें आरोपी शमीम खां पुत्र अलीम खां निवासी बिउर थाना चैनपुर, जिला भभुआ (बिहार) को दोषसिद्ध करार दिया गया।
1 सितंबर 2025 को न्यायालय ने अभियुक्त को जेल में बिताई गई अवधि और 5000 रुपये अर्थदंड की सजा दी। अर्थदंड अदा न करने पर उसे अतिरिक्त 3 दिन का कारावास भुगतना होगा।

पुलिस की भूमिका

दोनों मामलों में पुलिस अधीक्षक आदित्य लांग्हे के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक सदर अनंत चंद्रशेखर के पर्यवेक्षण तथा अभियोजन अधिकारी विपिन कुमार एवं संबंधित थाना पैरोकारों की प्रभावी पैरवी से सजा सुनिश्चित हो सकी।

ऑपरेशन कन्विक्शन अभियान का मकसद है कि गंभीर अपराधों में आरोपित व्यक्तियों को साक्ष्यों के आधार पर शीघ्र दोषसिद्ध कर सजा दिलाई जाए, ताकि अपराधियों में कानून का खौफ बना रहे।