ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत चंदौली पुलिस की बड़ी सफलता, 3 मामलों में अपराधियों को मिली सजा
 

धानापुर थाने में 31 दिसंबर 2004 को दर्ज एक पुराने मामले में, आरोपी विनोद यादव को न्यायालय ने दोषी ठहराया। यह मामला गोवध निवारण अधिनियम और पशु क्रूरता निवारण अधिनियम के तहत दर्ज किया गया था।
 

 गैंगस्टर एक्ट में 4 साल का कठोर कारावास

पॉक्सो एक्ट और एससी/एसटी एक्ट में 3 साल की सजा

गोवध अधिनियम में जेल में बिताई अवधि की सजा

चंदौली पुलिस द्वारा चलाए जा रहे "ऑपरेशन कन्विक्शन" अभियान को एक और बड़ी सफलता मिली है। पुलिस की वैज्ञानिक विवेचना, साक्ष्य संकलन और अभियोजन पक्ष की प्रभावी पैरवी के कारण, मंगलवार, 27 अगस्त 2025 को जिले के तीन अलग-अलग थानों - मुगलसराय, धानापुर और बलुआ - में दर्ज मामलों में न्यायालय ने अपराधियों को सजा सुनाई। इस सफलता को पुलिस अधीक्षक आदित्य लांग्हे के निर्देशन में चलाए गए प्रभावी अभियान का परिणाम माना जा रहा है।

पहला मामला: गैंगस्टर एक्ट में 4 साल का कठोर कारावास
मुगलसराय थाने में 13 सितंबर 2019 को गैंगस्टर एक्ट के तहत दर्ज एक मामले में न्यायालय ने आरोपी अजय यादव को दोषी ठहराया है। अपर सत्र न्यायाधीश/एफटीसी प्रथम, श्री पारितोष श्रेष्ठ, की अदालत ने अजय यादव को 4 साल का कठोर कारावास और 10,000 रुपये का अर्थदंड सुनाया। अगर वह अर्थदंड का भुगतान नहीं करता है, तो उसे 7 दिन का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।

इस मामले में पुलिस अधीक्षक आदित्य लांग्हे, अपर पुलिस अधीक्षक सदर और मॉनिटरिंग सेल के प्रभारी निरीक्षक मुकेश तिवारी की गुणवत्तापूर्ण विवेचना और अभियोजक श्री अवधेश कुमार पांडेय (ADGC) तथा थाना मुगलसराय के पैरोकार घनश्याम पांडेय की प्रभावी पैरवी महत्वपूर्ण रही।

दूसरा मामला: पॉक्सो एक्ट और एससी/एसटी एक्ट में 3 साल की सजा
बलुआ थाने में 26 अगस्त 2019 को दर्ज एक अन्य मामले में, आरोपी नरेंद्र चौहान को न्यायालय ने दोषी ठहराया है। यह मामला पॉक्सो और एससी/एसटी अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत पंजीकृत था। अपर जिला जज/स्पेशल पॉक्सो कोर्ट, श्री अनुराग शर्मा, ने नरेंद्र चौहान को 3 साल का कठोर कारावास और 15,000 रुपये का अर्थदंड सुनाया। अर्थदंड का भुगतान न करने पर 2 माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।

इस मामले में भी चंदौली पुलिस की त्वरित और प्रभावी कार्रवाई, जिसमें मॉनिटरिंग सेल के प्रभारी निरीक्षक मुकेश तिवारी और अभियोजक श्री रमाकांत उपाध्याय (SPO) तथा थाना बलुआ के पैरोकार बृजेश सरोज की प्रभावी पैरवी ने अहम भूमिका निभाई।

तीसरा मामला: गोवध अधिनियम में जेल में बिताई अवधि की सजा
धानापुर थाने में 31 दिसंबर 2004 को दर्ज एक पुराने मामले में, आरोपी विनोद यादव को न्यायालय ने दोषी ठहराया। यह मामला गोवध निवारण अधिनियम और पशु क्रूरता निवारण अधिनियम के तहत दर्ज किया गया था। न्यायिक मजिस्ट्रेट, श्री अवधेश कुमार पांडेय, की अदालत ने विनोद यादव को जेल में बिताई गई अवधि की सजा और 5,000 रुपये का अर्थदंड सुनाया। अर्थदंड न देने पर उसे 3 दिन का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।

इस मामले में भी पुलिस अधीक्षक और अपर पुलिस अधीक्षक सदर के पर्यवेक्षण में मॉनिटरिंग सेल के प्रभारी निरीक्षक मुकेश तिवारी और अभियोजक श्री विजय पांडेय (APO) तथा थाना धानापुर के पैरोकार सुभान अहमद की प्रभावी पैरवी ने न्याय सुनिश्चित किया।

इन सभी मामलों में मिली सफलता से यह स्पष्ट होता है कि "ऑपरेशन कन्विक्शन" अभियान अपराधियों को उनके किए की सजा दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है, और पुलिस की मेहनत और अभियोजन की प्रभावी पैरवी ने न्यायिक प्रक्रिया को गति दी है।