चंदौली में ऑपरेशन कन्विक्शन का असर, 20 साल पुराने मामलों में 4 अभियुक्तों को सजा, कोर्ट ने सुनाई जेल और जुर्माने की सजा
चंदौली में ऑपरेशन कन्विक्शन अभियान के तहत कोर्ट ने 4 पुराने मामलों में सजा सुनाई। शहाबगंज और बबुरी थाने के आर्म्स एक्ट व गोवध के मामलों में अभियुक्तों को बिताई गई अवधि की जेल और 1000 रुपये जुर्माने की सजा मिली।
ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत 4 मामलों में सजा
शहाबगंज के 3 और बबुरी के 1 मामले में फैसला
सिविल जज यज्ञेश सोनकर ने सुनाई सजा
20-22 साल पुराने मामलों में हुई सजा
मॉनिटरिंग सेल और APO की पैरवी सराहनीय
चंदौली पुलिस के लिए ऑपरेशन कन्विक्शन अभियान में बड़ी सफलता मिली है। पुलिस की प्रभावी पैरवी, वैज्ञानिक विवेचना और साक्ष्य संकलन के चलते न्यायालय ने 20 से 23 साल पुराने चार मामलों में अभियुक्तों को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई है।
यह फैसला माननीय सिविल जज (जू.डि.) / जेएम जनपद चंदौली यज्ञेश सोनकर ने दिनांक 19 सितंबर 2026 को सुनाया। सभी मामलों में अभियुक्तों को जेल में बिताई गई अवधि के कारावास और 1000 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया गया है।
पहला मामला: आर्म्स एक्ट 2005
पहला मामला थाना शहाबगंज पर पंजीकृत मुकदमा अपराध संख्या 14/2005 धारा 3/25 आर्म्स एक्ट का है। इसमें अभियुक्त सगून पुत्र मुराहू निवासी टिर्रो, थाना शहाबगंज, जनपद चंदौली को दोषी पाया गया। कोर्ट ने उसे बिताई गई अवधि की सजा और 1000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
दूसरा मामला: गोवध निवारण अधिनियम 2003
दूसरा मामला थाना शहाबगंज पर पंजीकृत मुकदमा अपराध संख्या 46/2003 धारा 3/5ए/8 गोवध निवारण अधिनियम व 11 पशु क्रूरता निवारण अधिनियम का है। इसमें अभियुक्त रामा हरिजन पुत्र रामवृक्ष निवासी लठौरा, थाना बबुरी, जनपद चंदौली को दोषी करार दिया गया। उसे भी कोर्ट ने जेल में बिताई अवधि और 1000 रुपये अर्थदंड की सजा दी।
तीसरा मामला: आर्म्स एक्ट 2004
तीसरा मामला थाना शहाबगंज पर पंजीकृत मुकदमा अपराध संख्या 36/2004 धारा 3/25 आर्म्स एक्ट का है। इसमें अभियुक्त राम सगुन पुत्र मुराहू राम निवासी टिर्रो, थाना शहाबगंज को दोषी सिद्ध किया गया। न्यायालय ने उसे भी समान सजा से दंडित किया।
चौथा मामला: बबुरी थाना आर्म्स एक्ट 2003
चौथा मामला थाना बबुरी पर पंजीकृत मुकदमा अपराध संख्या 69/2003 धारा 4/25 आर्म्स एक्ट का है। इसमें अभियुक्त राम दहिन यादव पुत्र हरिदार यादव निवासी गोई, थाना चांद, जिला भभुआ, बिहार को दोषी पाया गया। कोर्ट ने उसे भी जेल में बिताई गई अवधि और 1000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
पैरवी टीम की रही अहम भूमिका
इन सभी अभियुक्तों को सजा दिलाने में मॉनिटरिंग सेल, अभियोजक श्री विजय कुमार पांडेय (एपीओ), हेड कांस्टेबल उमाशंकर और कांस्टेबल राम नरायन (पैरोकार) एवं थाना शहाबगंज व बबुरी पुलिस की प्रभावी पैरवी सराहनीय रही।
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत पुराने मामलों में लगातार पैरवी की जा रही है ताकि अपराधियों को जल्द से जल्द सजा दिलाई जा सके। इससे आम जनता में कानून के प्रति विश्वास बढ़ेगा और अपराधियों में डर पैदा होगा।