पुलिस का 'ऑपरेशन कन्विक्शन' जारी, गोकशी और चोरी के मामलों में 7 अपराधियों को कोर्ट ने दी सजा
चंदौली में 'ऑपरेशन कन्विक्शन' के तहत पुलिस और अभियोजन पक्ष की दमदार पैरवी रंग लाई है। कोर्ट ने गोवध अधिनियम, चोरी और अश्लीलता के तीन अलग-अलग मामलों में कुल 7 अभियुक्तों को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई है।
ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत बड़ी सफलता
गोकशी के पांच आरोपी दोषी करार
मुगलसराय के चोर को मिली सजा
बिहार के आरोपी को भी दंड
पुलिस की प्रभावी पैरवी रही सराहनीय
अपराधियों को उनके अंजाम तक पहुंचाने के लिए चलाए जा रहे "ऑपरेशन कन्विक्शन" अभियान के तहत चंदौली पुलिस और अभियोजन विभाग को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस की प्रभावी पैरवी, वैज्ञानिक विवेचना और पुख्ता सबूतों के दम पर माननीय न्यायालय ने तीन अलग-अलग थानों से जुड़े पुराने मुकदमों में कुल 7 अभियुक्तों को दोषी पाया है। कोर्ट ने सभी दोषियों को जेल में बिताई अवधि के कारावास और अर्थदंड (जुर्माने) की सजा से दंडित किया है।
गोवध अधिनियम के 5 दोषियों को कोर्ट ने किया दंडित
पहला मामला थाना सैयदराजा पर साल 1999 में दर्ज हुआ था (मु0अ0सं0- 09/1999)। यह मामला गोवध निवारण अधिनियम और पशु क्रूरता निवारण अधिनियम के तहत पंजीकृत था। इस केस में प्रभावी पैरवी के बाद माननीय मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) चंदौली की अदालत ने बिलारीडीह (थाना अलीनगर) के रहने वाले हीरा बिंद, श्रीराम बिंद व प्रभु बिंद और खरगीपुर के रहने वाले नंदू बिंद व सद्दू बिंद को दोषी ठहराया।
न्यायालय ने इन पांचों अभियुक्तों को दोष सिद्ध करते हुए उनके द्वारा जेल में बिताई गई अवधि के कारावास की सजा सुनाई। साथ ही सभी पर 1000-1000 रुपये का जुर्माना भी लगाया। जुर्माना न देने पर इन्हें 1 दिन का अतिरिक्त कारावास काटना होगा। इस केस में अभियोजन अधिकारी श्री मनीष कुमार और सैयदराजा पुलिस की पैरवी सराहनीय रही।
मुगलसराय के चोर को हुई 5 महीने से अधिक की सजा
दूसरा मामला थाना मुगलसराय से जुड़ा है, जहाँ साल 2001 में चोरी और माल बरामदगी का मुकदमा (मु0अ0सं0- 231/2001) दर्ज किया गया था। इस मामले में पुलिस की पुख्ता गवाही और साक्ष्यों के आधार पर माननीय सिविल जज (जूनियर डिवीजन) चंदौली की अदालत ने डिपो कॉलोनी (मुगलसराय) के रहने वाले अभियुक्त छोटू उर्फ इस्लाम को दोषी करार दिया।
अदालत ने छोटू उर्फ इस्लाम को जेल में बिताई गई कुल अवधि (5 महीने 27 दिन) के कारावास की सजा सुनाई और 1000 रुपये का अर्थदंड लगाया। जुर्माना अदा न करने पर दोषी को 7 दिन की अतिरिक्त जेल काटनी होगी। इस मामले में अभियोजन अधिकारी श्री विजय कुमार पाण्डेय और मुगलसराय पुलिस की टीम ने मजबूत पैरवी की थी।
अश्लीलता मामले में बिहार के अभियुक्त को सजा
तीसरा मामला भी थाना सैयदराजा पर साल 2005 में अश्लीलता फैलाने की धारा (मु0अ0सं0- 224/2005 धारा 294 भादवि) के तहत दर्ज हुआ था। इस केस में पुलिस ने बिहार के कैमूर जिले (भभुआ) के रहने वाले अभियुक्त संतोष कुमार बनिया को नामजद किया था।
माननीय मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट चंदौली की कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई करते हुए आरोपी संतोष कुमार को दोष सिद्ध पाया। अदालत ने उसे 'न्यायालय उठने तक' की सजा सुनाई और साथ ही 500 रुपये का जुर्माना लगाया। यदि वह जुर्माना नहीं भरता है, तो उसे 1 दिन की अतिरिक्त जेल की सजा भुगतनी होगी। इस केस में भी अभियोजन अधिकारी श्री मनीष कुमार और स्थानीय पुलिस की पैरवी दमदार रही। अपराधियों को सजा दिलाने में जिले के मॉनिटरिंग सेल की भूमिका भी बेहद सराहनीय रही है।