ऑपरेशन कन्विक्शन: आर्म्स एक्ट के दोषी 'रमेश उर्फ मोटा' को कोर्ट ने सुनाई कारावास और अर्थदंड की सजा
उत्तर प्रदेश के 'ऑपरेशन कन्विक्शन' अभियान के तहत चंदौली पुलिस की सटीक पैरवी ने रंग दिखाया है। वर्ष 2004 के आर्म्स एक्ट मामले में न्यायिक मजिस्ट्रेट ने अभियुक्त रमेश उर्फ मोटा को 2 वर्ष की जेल और जुर्माने की सजा सुनाई है।
22 साल पुराने आर्म्स एक्ट मामले में सजा
अभियुक्त रमेश उर्फ मोटा को 2 वर्ष का कारावास
₹5000 का अर्थदंड, न देने पर अतिरिक्त जेल
ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत वैज्ञानिक विवेचना सफल
एसपी आदित्य लांग्हे के निर्देशन में हुई प्रभावी पैरवी
चंदौली जिले में उत्तर प्रदेश शासन के निर्देशानुसार चलाए जा रहे 'ऑपरेशन कन्विक्शन' के तहत चंदौली पुलिस को एक महत्वपूर्ण कामयाबी मिली है। जनपद पुलिस की वैज्ञानिक विवेचना, सटीक साक्ष्य संकलन और अभियोजन पक्ष की प्रभावी पैरवी के चलते माननीय न्यायालय ने 22 साल पुराने एक आपराधिक मामले में अभियुक्त को दो वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है।
क्या था मामला?
मामला वर्ष 2004 का है, जब थाना सकलडीहा पुलिस ने अभियुक्त रमेश उर्फ मोटा (पुत्र कन्हैया, निवासी चांदपुर, थाना अलीनगर) के खिलाफ अवैध असलहा रखने के जुर्म में धारा 3/25 आर्म्स एक्ट के तहत अपराध संख्या 52/2004 दर्ज किया था। हालांकि यह मामला लंबे समय से न्यायालय में विचाराधीन था, लेकिन 'ऑपरेशन कन्विक्शन' के तहत इसे प्राथमिकता पर लिया गया।
पुलिस और अभियोजन की अचूक पैरवी
पुलिस अधीक्षक आदित्य लांग्हे के निर्देशन और अपर पुलिस अधीक्षक सदर अनन्त चन्द्रशेखर (IPS) के पर्यवेक्षण में मानिटरिंग सेल ने इस केस पर विशेष ध्यान दिया। प्रभारी निरीक्षक मुकेश तिवारी, एपीओ नितेश तिवारी और थाना सकलडीहा के पैरोकार हेड कांस्टेबल उमेश कुमार की कड़ी मेहनत और ठोस गवाहों की प्रस्तुति ने मामले को मजबूती दी। पुलिस ने कोर्ट में ऐसे साक्ष्य पेश किए जिनसे अभियुक्त का दोष सिद्ध हो सका।
न्यायालय का कड़ा फैसला
शुक्रवार, 16 जनवरी 2026 को माननीय न्यायिक मजिस्ट्रेट चंदौली ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अभियुक्त रमेश उर्फ मोटा को दोषी करार दिया। कोर्ट ने उसे 02 वर्ष के साधारण कारावास की सजा सुनाई और साथ ही 5000 रुपये का अर्थदंड भी लगाया। आदेश के अनुसार, यदि अभियुक्त अर्थदंड जमा नहीं करता है, तो उसे एक माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
चंदौली पुलिस की इस सफलता ने यह साफ कर दिया है कि अपराध चाहे कितना भी पुराना क्यों न हो, कानून के हाथ से बचना नामुमकिन है। पुलिस का यह अभियान जिले में अपराधियों के बीच खौफ और जनता में न्याय के प्रति विश्वास पैदा कर रहा है।