ऑपरेशन कन्विक्शन से 31 साल पुराने धोखाधड़ी मामले में 1 अभियुक्त को मिली सजा
चकिया थाने में दर्ज मामले में मिली सजा
ऑपरेशन कन्विक्शन में धोखाधड़ी के मामले में सजा
धारा 409 और 420 के तहत धोखाधड़ी और विश्वासघात का आरोप
चंदौली जिले में उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक द्वारा चलाए जा रहे 'ऑपरेशन कन्विक्शन' अभियान के तहत चंदौली पुलिस ने एक पुराने मामले में प्रभावी पैरवी कर अभियुक्त को सजा दिलाई है। यह सफलता पुलिस की वैज्ञानिक जांच, साक्ष्य संकलन और अभियोजन पक्ष के सहयोग का परिणाम है।
मामला 31 साल पुराना है, जो 18 मार्च 1993 को चकिया थाने में दर्ज किया गया था। अभियुक्त छकौड़ी पुत्र घिस्सू, निवासी प्रधान बैरी, चकिया पर भारतीय दंड संहिता की धारा 409 और 420 के तहत धोखाधड़ी और विश्वासघात का आरोप था।
पुलिस अधीक्षक आदित्य लांग्हे के निर्देशन और अपर पुलिस अधीक्षक सदर अनंत चंद्रशेखर के पर्यवेक्षण में, मॉनिटरिंग सेल के प्रभारी निरीक्षक मुकेश तिवारी और विपिन कुमार (एसपीओ) के साथ-साथ चकिया थाने के पैरोकार हेड कांस्टेबल विजय बहादुर ने इस मामले में प्रभावी पैरवी की। साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर पुलिस ने न्यायालय के समक्ष मजबूत पक्ष रखा।
इस प्रभावी पैरवी के फलस्वरूप, 16 सितंबर 2025 को माननीय न्यायाधीश सुश्री इन्दूरानी (सिविल जज/जेएम, चंदौली) ने अभियुक्त छकौड़ी को दोषी पाया। कोर्ट ने उसे जेल में बिताई गई अवधि और न्यायालय उठने तक की सजा सुनाई। इसके साथ ही, उस पर ₹4000 का अर्थदंड भी लगाया गया। यदि वह अर्थदंड का भुगतान नहीं करता है, तो उसे 10 दिन का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
इस फैसले से यह साबित होता है कि 'ऑपरेशन कन्विक्शन' जैसे अभियान पुराने और लंबित मामलों को भी न्याय के दायरे में लाने में सफल हो रहे हैं।