चंदौली में हादसों का 'ब्लैक फ्राइडे': स्कॉर्पियो और ट्रक की टक्कर से लेकर सूअर के हमले तक, 5 लोगों ने गंवाई जान
चंदौली के पीडीडीयू नगर सर्कल में पिछले 24 घंटों में कोहराम मच गया। सड़क हादसों और एक जंगली सूअर के हमले में 5 लोगों की मौत हो गई, जबकि 2 गंभीर हैं। नशे और तेज रफ्तार ने सुरक्षा अभियानों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पड़ाव चौराहे पर नशे में धुत स्कॉर्पियो का तांडव
ट्रक की चपेट में आने से स्कूटी सवार की मौत
जंगली सूअर के हमले में किसान ने तोड़ा दम
पिकअप की टक्कर से पति-पत्नी की दुखद मृत्यु
सड़क सुरक्षा माह की प्रभावशीलता पर उठे सवाल
जनपद के पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर सर्कल में बीते 24 घंटे मौत का पैगाम लेकर आए। अलग-अलग थाना क्षेत्रों में हुई चार बड़ी घटनाओं ने जिले को झकझोर कर रख दिया है। इन हादसों में जहां 5 लोगों की असमय मृत्यु हो गई, वहीं 2 लोग जिंदगी और मौत के बीच ट्रामा सेंटर में जूझ रहे हैं। यह स्थिति तब है जब प्रशासन 'राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह' के तहत करोड़ों खर्च कर जागरूकता अभियान चला रहा है।
पड़ाव चौराहे पर नशे का तांडव
पहली हृदयविदारक घटना गुरुवार रात करीब 10 बजे मुगलसराय कोतवाली के पड़ाव चौराहे पर हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पश्चिम बंगाल नंबर की एक स्कॉर्पियो के चालक ने नशे में धुत होकर चार वाहनों को रौंद दिया। इस भीषण टक्कर में इरशाद अहमद नामक युवक की ट्रामा सेंटर में मौत हो गई, जबकि मोहम्मद इस्लाम और सलमान गंभीर रूप से घायल हैं। पुलिस ने आरोपी चालक हरीश यादव को हिरासत में ले लिया है।
तेज रफ्तार ट्रक और पिकअप ने ली जान
शुक्रवार सुबह औद्योगिक नगर क्षेत्र के कटरिया सर्विस रोड पर एक तेज रफ्तार ट्रक ने स्कूटी सवार शिवशंकर मिश्रा को कुचल दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, शुक्रवार शाम बबुरी के भुड़कुंडा गांव के पास एक बेकाबू पिकअप ने बाइक सवार दंपत्ति को टक्कर मार दी। इस हादसे में कटरिया निवासी विनोद और उनकी पत्नी नीलम दोनों की जान चली गई।
जंगली सूअर के हमले में किसान की मौत
सड़क हादसों के बीच बबुरी थाना क्षेत्र के जलखोर गांव में एक अलग तरह की त्रासदी सामने आई। दोपहर में खेत पर गए किसान मंगल बियार पर एक जंगली सूअर ने जानलेवा हमला कर दिया। ग्रामीण उन्हें अस्पताल ले गए, लेकिन घाव इतने गहरे थे कि डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
अभियान पर खड़े हुए गंभीर सवाल
एक ओर परिवहन और पुलिस विभाग 'सड़क सुरक्षा-जीवन रक्षा' के नारे लगा रहा है, वहीं धरातल पर नशे में ड्राइविंग और ओवरस्पीडिंग पर कोई लगाम नहीं दिख रही। 24 घंटे में 5 मौतों ने यह साबित कर दिया है कि केवल कागजी जागरूकता से जान नहीं बचने वाली। पुलिस ने सभी शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर जांच शुरू कर दी है।