25 हजार का इनामी गो-तस्कर असलहे व पिकअप के साथ गिरफ्तार, 187 करोड़ के नेटवर्क से जुड़ा तार
चंदौली की सैयदराजा और सर्विलांस पुलिस टीम ने 25 हजार रुपये के इनामी वांछित अभियुक्त गुलाम मोहम्मद उर्फ सोनू को अवैध असलहे और पिकअप के साथ गिरफ्तार किया है। जांच में 187 करोड़ रुपये के अंतरराज्यीय गो-तस्करी गिरोह और लाखों के संदिग्ध वित्तीय लेन-देन का भंडाफोड़ हुआ है।
25 हजार का इनामी गो-तस्कर गिरफ्तार
187 करोड़ का संगठित नेटवर्क उजागर
मां के खाते से 59 लाख ट्रांसफर
घेराबंदी कर भारतमाला एक्सप्रेसवे पर पकड़ा
अवैध तमंचा और पिकअप वाहन बरामद
चंदौली जिले की सैयदराजा थाना पुलिस और सर्विलांस टीम को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। अधिकारियों के निर्देश पर चलाई जा रही चेकिंग के दौरान पुलिस टीम ने 25 हजार रुपये के इनामी और वांछित अभियुक्त गुलाम मोहम्मद उर्फ सोनू को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी बिहार के कैमूर जिले का रहने वाला है। चेकिंग के दौरान जब पुलिस ने उसकी पिकअप गाड़ी रोकने का प्रयास किया तो वह भारतमाला एक्सप्रेसवे की तरफ गाड़ी भगाकर भागने लगा, लेकिन पुलिस की सटीक घेराबंदी के आगे उसकी एक न चली और उसे मैढ़ी गांव के पास कर्मनाशा पुल के करीब पकड़ लिया गया।
पास से मिला अवैध असलहा और पिकअप
24 वर्षीय गिरफ्तार अभियुक्त गुलाम मोहम्मद उर्फ सोनू के कब्जे से पुलिस ने 0.315 बोर का एक अवैध तमंचा, एक जिंदा कारतूस और तस्करी में इस्तेमाल होने वाली पिकअप गाड़ी (BR 24 GD 8209) बरामद की है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। आरोपी के खिलाफ चंदौली और मिर्जापुर जिले के विभिन्न थानों में गोवध निवारण अधिनियम, गैंगस्टर एक्ट और आर्म्स एक्ट के तहत पहले से 6 गंभीर मुकदमे दर्ज हैं।
187 करोड़ रुपये के बड़े सिंडिकेट का पर्दाफाश
मामले की विवेचना के दौरान एक बेहद चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। पुलिस जांच में सामने आया कि यह महज एक-दो लोगों का काम नहीं है, बल्कि 31 लोगों का एक पूरा संगठित गिरोह है जो अंतरराज्यीय स्तर पर गो-तस्करी का धंधा चलाता है। इस गिरोह ने आपस में करीब 187 करोड़ रुपये का बड़ा वित्तीय लेन-देन किया है। यह नेटवर्क तस्करों को आर्थिक मदद पहुंचाने का काम भी करता आ रहा था, जिसकी परतें अब धीरे-धीरे खुल रही हैं।
मां के बैंक खाते से होता था लाखों का लेन-देन
पूछताछ में यह भी पता चला कि आरोपी सोनू की एक हार्डवेयर की दुकान है, लेकिन खुद का बैंक खाता न होने की वजह से वह अपनी मां के बैंक खाते का इस्तेमाल वित्तीय लेन-देन के लिए करता था। उसने अपनी मां के खाते से मेराज कुरैशी, नूर मोहम्मद, शाहिद और अफजल जैसे अन्य प्रमुख गो-तस्करों को करीब 59 लाख 82 हजार रुपये ट्रांसफर किए थे। जब उसे भनक लगी कि पुलिस बैंक खातों की जांच कर रही है तो वह पकड़ाने के डर से कैश में लेन-देन करने लगा था।
पिकअप बदलकर लंबे समय से कर रहा था तस्करी
पूछताछ में सोनू ने कबूला कि वह पहले ड्राइवरी करता था, फिर धीरे-धीरे बड़े गो-तस्करों के संपर्क में आकर खुद इस धंधे में उतर गया। उसने अपनी बहनोई और अन्य लोगों के माध्यम से कई नई-पुरानी पिकअप गाड़ियां खरीदीं और तस्करी जारी रखी। पूर्व में भी वह सैयदराजा में पुलिस को देखकर पिकअप छोड़कर भाग खड़ा हुआ था। बुधवार को भी वह वाराणसी से गोवंश लादने जा रहा था, लेकिन पुलिस की मुस्तैदी के कारण पकड़ा गया।