ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत चंदौली में दो दोषियों को सजा, एक को 10 वर्ष का कठोर कारावास

चंदौली पुलिस ने दोनों मामलों में न्याय की सफलता को ऑपरेशन कन्विक्शन की उपलब्धि बताया है। पुलिस अधीक्षक आदित्य लांग्हे ने कहा कि हमारी प्राथमिकता है कि हर अभियुक्त को समयबद्ध न्याय मिले।
 

ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत चंदौली पुलिस की दो बड़ी कामयाबी

अलीनगर मामले में 10 साल की कठोर सजा

पॉक्सो एक्ट में दोषसिद्धि

2003 के पुराने मुकदमे में भी मिली सजा

चंदौली जिले में उत्तर प्रदेश पुलिस महानिदेशक के निर्देश पर संचालित ऑपरेशन कन्विक्शन अभियान के तहत चंदौली जनपद में दो अलग-अलग मामलों में दोषी करार दिए गए अभियुक्तों को न्यायालय द्वारा सजा सुनाई गई है। यह कार्यवाही जनपदीय पुलिस की वैज्ञानिक विवेचना, अचूक साक्ष्य संकलन और लोक अभियोजकों की प्रभावी पैरवी के चलते संभव हो सकी है।

पहला मामला: 10 वर्ष का कठोर कारावास

थाना अलीनगर के मुकदमे में कुलदीप मौर्या दोषी करार

जनपद चंदौली के थाना अलीनगर क्षेत्र से संबंधित अपराध संख्या 37/2019 में कुलदीप मौर्या पुत्र बसंत निवासी तलपरा भरक्षा को धारा 363, 366, 376(1) भादवि व 4/ पॉक्सो एक्ट के तहत गिरफ्तार किया गया था। पीड़िता के बयान, वैज्ञानिक साक्ष्यों और गवाहों के प्रभावशाली प्रस्तुतीकरण के आधार पर मा० न्यायालय विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो) श्री अनुराग शर्मा ने अभियुक्त को 10 वर्ष का कठोर कारावास तथा ₹25,000/- के अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड अदा न करने की स्थिति में उसे चार माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।

यह सजा पुलिस अधीक्षक आदित्य लांग्हे के निर्देशन में अपर पुलिस अधीक्षक सदर अनंत चंद्रशेखर, क्षेत्राधिकारी पीडीडीयू नगर कृष्ण मुरारी शर्मा के पर्यवेक्षण में, मानीटरिंग सेल प्रभारी उ0नि0 आकाश त्रिपाठी, विशेष लोक अभियोजक रमाकांत उपाध्याय और पैरोकार कांस्टेबल संजीत कुमार की प्रभावी भूमिका से संभव हुई।

दूसरा मामला: 1 दिन की सजा व अर्थदंड

थाना चकिया के 21 वर्षीय पुराने मुकदमे में चन्दन चौहान को सजा

एक अन्य मामले में दिनांक 20.09.2003 को थाना चकिया में दर्ज मुकदमा संख्या 173/2003 धारा 4/25 आर्म्स एक्ट में आरोपी चन्दन चौहान पुत्र उमा चौहान निवासी सगहा थाना अहरौरा मिर्जापुर को दोषी पाए जाने पर मा० न्यायालय सिविल जज (जूनियर डिवीजन)/जेएम चकिया श्री कुँवर जितेन्द्र प्रताप सिंह ने अभियुक्त को जेल में बिताई गई अवधि (1 दिन) की सजा और ₹2,500/- के अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड न अदा करने पर अभियुक्त को 2 दिवस का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।

इस मामले में भी मानिटरिंग सेल प्रभारी उ0नि0 आकाश त्रिपाठी, लोक अभियोजक विपिन बिहारी यादव (पीओ) तथा पैरोकार कांस्टेबल दुर्गेश यादव ने प्रभावी पैरवी कर अभियुक्त को सजा दिलाई।

पुलिस की प्रतिक्रिया

चंदौली पुलिस ने दोनों मामलों में न्याय की सफलता को ऑपरेशन कन्विक्शन की उपलब्धि बताया है। पुलिस अधीक्षक आदित्य लांग्हे ने कहा कि हमारी प्राथमिकता है कि हर अभियुक्त को समयबद्ध न्याय मिले। वैज्ञानिक जांच, गवाहों की सुरक्षा और मजबूत अभियोजन से दोषियों को दंडित कर आमजन में विश्वास बहाल करना ही ऑपरेशन कन्विक्शन का उद्देश्य है।