ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत 2 मामलों में अभियुक्तों को मिली सजा

इस अभियान की सफलता से जिले में अपराध नियंत्रण को मजबूती मिली है और न्यायपालिका तथा पुलिस विभाग की संयुक्त कोशिशों का परिणाम सामने आया है।
 

 पहले मामले में बबलू हरिजन को मिली सजा

दूसरे मामले में  प्रवीण मिश्रा को 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा

जानिए दोनों को किस मामले में मिली सजा

चंदौली जिले में  ऑपरेशन कन्विक्शन अभियान के तहत जनपदीय पुलिस की कड़ी मेहनत और वैज्ञानिक जांच के परिणामस्वरूप आज दो अलग-अलग मुकदमों में दो अभियुक्तों को कठोर सजा सुनाई गई। अभियोजन पक्ष की प्रभावी पैरवी और साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने दोषियों को सजा दिलाई।

पहला मामला थाना मुगलसराय का है, जहां दिनांक 06 जुलाई 2001 को धारा 4/25 आर्म्स एक्ट के अंतर्गत बबलू हरिजन पुत्र लालजी निवासी नई बस्ती ककरहिया चन्दासी के विरुद्ध अपराध संख्या 148/2001 दर्ज किया गया था। मानिटरिंग सेल प्रभारी उपनिरीक्षक आकाश त्रिपाठी, अभियोजन अधिकारी विपिन बिहारी यादव और थाना मुगलसराय के पैरोकार हेड कांस्टेबल राजेश राय की प्रभावी पैरवी और साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने आज, 30 जुलाई को अभियुक्त बबलू हरिजन को न्यायालय के उठने तक की सजा और 1000 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। यदि अर्थदंड अदा नहीं किया गया तो 7 दिन का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।

वहीं दूसरा मामला थाना बलुआ का है। दिनांक 13 मई 2018 को धारा 302 (हत्या) एवं 4/25 आर्म्स एक्ट के तहत प्रवीण मिश्रा उर्फ पिन्टू मिश्रा पुत्र स्व0 राजेन्द्र मिश्रा निवासी चकिया बिहारी मिश्र के विरुद्ध अपराध संख्या 108/2018 दर्ज किया गया था। मानिटरिंग सेल प्रभारी उपनिरीक्षक आकाश त्रिपाठी, अभियोजन पक्ष के अधिकारी अवधेश कुमार पाण्डेय (एडीजीसी) तथा थाना बलुआ के पैरोकार कांस्टेबल बृजेश कुमार की मेहनत और प्रभावी पैरवी के चलते माननीय न्यायाधीश श्री पारितोष श्रेष्ठ (एडीजे/एफटीसी-1) ने अभियुक्त प्रवीण मिश्रा को 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा और 10,000 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। अर्थदंड न अदा करने पर एक सप्ताह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।

इस अभियान की सफलता से जिले में अपराध नियंत्रण को मजबूती मिली है और न्यायपालिका तथा पुलिस विभाग की संयुक्त कोशिशों का परिणाम सामने आया है। पुलिस महानिरीक्षक और जिला प्रशासन ने इस सफलता पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार की सजा से अपराधियों में भय व्याप्त होगा और कानून-व्यवस्था बेहतर होगी।