ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत चंदौली पुलिस को सफलता, 2 अभियुक्तों को मिली सजा
पशु तस्करी के मामले में तस्करों को सजा
मामला मुगलसराय थाने में 2003 में दर्ज हुआ था मामला
पुलिस और अभियोजन की सजा दिलाने में खास भूमिका
चंदौली जिले में उत्तर प्रदेश पुलिस महानिदेशक लखनऊ के निर्देश पर चलाए जा रहे "ऑपरेशन कन्विक्शन" अभियान के तहत चंदौली पुलिस को एक और बड़ी सफलता मिली है। वैज्ञानिक विवेचना, पुख्ता साक्ष्य संकलन और लोक अभियोजक की प्रभावी पैरवी के आधार पर न्यायालय ने दो आरोपियों को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई है।
जानकारी के अनुसार यह मामला थाना मुगलसराय क्षेत्र से संबंधित है। 14 अगस्त 2003 को दर्ज हुए मुकदमे में अभियुक्त जनार्दन चौहान पुत्र रामबचन चौहान निवासी परसन टोला थाना नोरवा, जनपद रोहतास बिहार और उमाशंकर चौहान पुत्र रामबचन चौहान निवासी उपरोक्त के खिलाफ अपराध संख्या 397/2003 धारा 3/5ए/8 गोवध निवारण अधिनियम व 11 पशु क्रूरता निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था।
न्यायालय का फैसला
लंबी सुनवाई और ठोस साक्ष्यों के आधार पर 19 अगस्त 2025 को माननीय न्यायालय पीठासीन अधिकारी सुश्री शिवानी (सिविल जज जूनियर डिवीजन/एफटीसी द्वितीय, चंदौली) ने दोनों अभियुक्तों को दोषी ठहराया। अदालत ने उन्हें जेल में बिताई गई अवधि की सजा के साथ 5000-5000 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। साथ ही अर्थदंड न अदा करने की स्थिति में आठ-आठ दिन की अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी।
पुलिस और अभियोजन की भूमिका
इस मुकदमे में न्यायालय से दोषसिद्धि दिलाने में मानिटरिंग सेल प्रभारी निरीक्षक मुकेश तिवारी, अभियोजन अधिकारी विपिन कुमार (एपीओ) और थाना मुगलसराय के पैरोकार हेड कांस्टेबल राजेश राय की सक्रिय भूमिका रही। इनके प्रयासों से न्यायालय में साक्ष्य और गवाही को मजबूती मिली, जिसके परिणामस्वरूप दोनों अभियुक्तों को दोषी करार दिया गया।
निरंतर जारी रहेगा अभियान
चंदौली पुलिस का कहना है कि “ऑपरेशन कन्विक्शन” के तहत अपराधियों को न्यायालय से दोषसिद्धि दिलाने का कार्य लगातार जारी रहेगा। इस अभियान का उद्देश्य अपराधियों में कानून का भय पैदा करना और पीड़ित पक्ष को न्याय दिलाना है। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि ऐसे मामलों में विवेचना को वैज्ञानिक ढंग से संपन्न कराया जाएगा और अभियोजन पक्ष को मजबूत बनाकर अपराधियों को कड़ी सजा दिलाई जाएगी।