बनारस में पकड़ा गया चंदौली का 'बहुरूपिया' फर्जी दारोगा, गाड़ी पर लगा है पुलिस, प्रेस और BSP का झंडा 

वाराणसी के लालपुर-पांडेयपुर में पुलिस ने एक ऐसे जालसाज को गिरफ्तार किया है जो एक साथ नेता, पत्रकार और दारोगा बना फिरता था। टोल और चालान से बचने के लिए आरोपी ने फर्जी पुलिस आई-कार्ड बनवा रखा था।

 

वाराणसी के पांडेपुर में फर्जी दारोगा गिरफ्तार

गाड़ी पर पुलिस, प्रेस और राजनीतिक झंडा

टोल और चालान से बचने का फर्जीवाड़ा

फर्जी सब इंस्पेक्टर और पत्रकार आई-कार्ड बरामद

लालपुर-पांडेयपुर पुलिस ने स्कॉर्पियो की सीज

वाराणसी के लालपुर-पांडेयपुर थाना क्षेत्र में पुलिस ने चेकिंग के दौरान एक ऐसे शातिर शख्स को दबोचा है, जो एक साथ कई रूप बदलकर घूम रहा था। यह आरोपी खुद को कभी पुलिस का दारोगा, तो कभी पत्रकार और कभी नेता बताकर धौंस जमाता था। पुलिस की सतर्कता से इस बहुरूपिये की चालाकी ज्यादा दिन नहीं चल सकी। लालपुर-पांडेयपुर थाना पुलिस ने जब संदिग्ध स्कॉर्पियो गाड़ी को रोककर जांच की, तो आरोपी का पूरा फर्जीवाड़ा बेनकाब हो गया।

गाड़ी पर पुलिस, प्रेस और बसपा का झंडा
पुलिस टीम जब पांडेपुर इलाके में रूटीन चेकिंग कर रही थी, तभी चंदौली नंबर की एक स्कॉर्पियो गाड़ी (UP 67 AL 3313) आती दिखी। इस गाड़ी को देखकर खुद पुलिसकर्मी भी हैरान रह गए, क्योंकि गाड़ी पर हर तरह के रसूख का प्रदर्शन किया गया था। गाड़ी के शीशे पर 'PRESS' लिखा हुआ था, आगे राजनीतिक दल (BSP) का झंडा लगा था और डैशबोर्ड पर उत्तर प्रदेश पुलिस की टोपी (पुलिस कैप) रखी हुई थी। गाड़ी पर जगह-जगह पुलिस और प्रेस लिखकर लोगों में खौफ पैदा करने की कोशिश की गई थी।

तलाशी में मिले फर्जी दारोगा और ब्यूरो चीफ के आई-कार्ड
संदेह होने पर जब पुलिस ने गाड़ी को रुकवाकर उसकी सघन तलाशी ली, तो अंदर से चौंकाने वाले दस्तावेज बरामद हुए। पुलिस को आरोपी के पास से दो फर्जी पहचान पत्र मिले। इनमें से एक आई-कार्ड उत्तर प्रदेश पुलिस के उप निरीक्षक (सब इंस्पेक्टर) के पद का था, जबकि दूसरा आई-कार्ड एक मीडिया संस्थान के 'ब्यूरो चीफ' का था। इसके अलावा पुलिस ने आरोपी के पास से चार मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं।

टोल और चालान से बचने के लिए बनाया था फर्जी कार्ड
पुलिस की कड़ी पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम अनुभव आनंद पाण्डेय (उम्र 30 वर्ष) बताया। जांच में यह बात साफ हुई कि आरोपी असली दारोगा नहीं है, बल्कि उसने रौब गालिब करने के लिए यह स्वांग रचा था। पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने फर्जी पुलिस आई-कार्ड मुख्य रूप से नेशनल हाईवे पर टोल टैक्स देने से बचने और रास्ते में ट्रैफ़िक पुलिस के चालान से सुरक्षा पाने के लिए बनवा रखा था। वह पुलिस का कार्ड दिखाकर आराम से टोल प्लाजा पार कर जाता था।

फ्रॉड को दबोचकर स्कॉर्पियो गाड़ी हुई सीज
जालसाजी का पूरा मामला उजागर होने के बाद पुलिस ने आरोपी अनुभव आनंद पाण्डेय को तुरंत हिरासत में ले लिया। आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 204, 336 और 340(2) के तहत गंभीर धाराओं में केस दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया गया है। इसके साथ ही फर्जीवाड़े में इस्तेमाल की जा रही स्कॉर्पियो गाड़ी को 207 मोटर वाहन अधिनियम (MV Act) के तहत सीज कर दिया गया है। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि आरोपी ने इस फर्जी पहचान पत्र का इस्तेमाल किसी अन्य बड़े अपराध या ठगी में तो नहीं किया था।