विशाल सिंह मर्डर केस: गोली मारकर हत्या, पुरानी रंजिश और क्रिकेट विवाद से जुड़ रहे तार

 

चंदौली के जलालपुर में दिनदहाड़े युवा किसान विशाल सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई। क्रिकेट विवाद और पुरानी रंजिश के चलते इस वारदात को अंजाम देने का शक है। पुलिस अपराधियों के बेहद करीब है।

 
 

जलालपुर चंदौली युवा किसान हत्याकांड

विशाल सिंह मर्डर केस अपडेट

चंदौली में बढ़ता अपराध और कानून-व्यवस्था

क्रिकेट विवाद से जुड़ी पुरानी रंजिश

कंदवा पुलिस की छापेमारी जारी

चंदौली जिले के कंदवा थाना क्षेत्र स्थित जलालपुर गांव में उस समय हड़कंप मच गया, जब गुरुवार दोपहर बदमाशों ने एक युवा किसान की गोली मारकर निर्मम हत्या कर दी। मृतक 28 वर्षीय विशाल सिंह अपने फार्म हाउस पर भोजन करने के बाद सो रहे थे, तभी घात लगाए बैठे हमलावरों ने उनकी कनपटी पर गोली मार दी। इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में मातम पसरा हुआ है और ग्रामीणों में भारी रोष व्याप्त है।

पुरानी रंजिश और क्रिकेट विवाद से जुड़ा मामला
पुलिस द्वारा की जा रही शुरुआती जांच में यह मामला पुरानी रंजिश से जुड़ा नजर आ रहा है। सूत्रों के अनुसार, सितंबर 2024 में गांव में आयोजित एक क्रिकेट प्रतियोगिता के दौरान जमकर मारपीट हुई थी, जिसमें मृतक के बड़े भाई विवेक सिंह ने बीच-बचाव किया था। यही विवाद रंजिश में बदल गया। इसी क्रम में जनवरी 2025 में विवेक सिंह पर भी जानलेवा हमला हुआ था, जिसका मामला अभी भी विचाराधीन है। पुलिस का मानना है कि भाई की हत्या के पीछे यही पुरानी रंजिश मुख्य कारण हो सकती है।

पुलिस की जांच और ताबड़तोड़ छापेमारी
घटना के बाद विवेक सिंह की तहरीर पर अज्ञात बदमाशों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर आधा दर्जन टीमों का गठन किया गया है, जो संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं। पुलिस के आला अधिकारियों का कहना है कि वे अपराधियों के बेहद करीब पहुंच चुके हैं और जल्द ही इस जघन्य हत्याकांड का खुलासा कर लिया जाएगा। फिलहाल गांव में तनाव को देखते हुए पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है।

पुलिस प्रशासन पर उठे सवाल
इस हत्याकांड के बाद जिले की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। पूर्व सांसद रामकिशुन ने पुलिस-प्रशासन पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि जिले में अपराधी बेलगाम हो चुके हैं। उन्होंने हाल के दिनों में हुई अन्य आपराधिक घटनाओं और रोहिताश पाल हत्याकांड के मुख्य अभियुक्त के फरार होने का हवाला देते हुए कहा कि आम जनता में असुरक्षा की भावना बढ़ गई है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही अपराधियों की गिरफ्तारी नहीं हुई तो लोग बड़ा आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। फिलहाल, पूरे जिले की निगाहें कंदवा पुलिस की कार्रवाई पर टिकी हैं।