विशाल सिंह हत्याकांड का सनसनीखेज खुलासा, पुलिस ने आरोपी बड़े भाई को किया बेनकाब, 80 बीघा जमीन के लिए मर्डर

 

 चंदौली के जलालपुर गांव में हुई युवा किसान विशाल सिंह की हत्या की गुत्थी सुलझ गई है। 80 बीघा जमीन के विवाद में सगे बड़े भाई ने ही हत्या की साजिश रची थी। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को धर दबोचा है।

 
 

सगे बड़े भाई ने रची खूनी साजिश


80 बीघा जमीन के लिए हुआ कत्ल


आरोपी ने दर्ज कराया था झूठा मुकदमा


पुलिस ने बरामद किया सीसीटीवी डीवीआर


एसपी आदित्य लांघे ने की खुद मॉनिटरिंग

चंदौली जिले के कंदवा थाना क्षेत्र के जलालपुर गांव में होली के दूसरे दिन हुई सनसनीखेज वारदात ने पूरे इलाके को दहला दिया था। युवा किसान विशाल सिंह की हत्या के मामले में पुलिस ने जो खुलासा किया है, उसने रिश्तों को शर्मसार कर दिया है। पुलिस जांच में यह स्पष्ट हो गया है कि विशाल सिंह की जान लेने वाला कोई बाहरी अपराधी नहीं, बल्कि उसका अपना सगा बड़ा भाई विवेक सिंह ही निकला।

80 बीघा जमीन और कत्ल की खूनी रंजिश
पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, विशाल और विवेक दोनों भाइयों के नाम कुल मिलाकर लगभग 80 बीघा जमीन है।  लंबे समय से इस बेशकीमती जमीन को लेकर दोनों के बीच विवाद चल रहा था। बताया जा रहा है कि बड़ा भाई विवेक सिंह जमीन का कुछ हिस्सा बेचना चाहता था, लेकिन छोटा भाई विशाल सिंह इसका कड़ा विरोध कर रहा था। इसी जमीन विवाद और एक पुराने मुकदमे को लेकर दोनों के बीच अक्सर तनातनी बनी रहती थी, जो अंततः हत्या का कारण बनी।

साजिश और पुलिस को गुमराह करने की कोशिश
विवेक सिंह ने अपने ही भाई को रास्ते से हटाने के लिए एक सोची-समझी साजिश रची। योजना के मुताबिक, विशाल सिंह को गांव के बाहर स्थित फार्म हाउस पर गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया गया।  इतना ही नहीं, खुद को कानून की नजरों में बेगुनाह साबित करने और पुलिस का ध्यान भटकाने के लिए विवेक ने बड़ी चतुराई दिखाई। उसने हत्या के बाद गांव के ही तीन निर्दोष लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज करा दिया, ताकि पुलिस की जांच दूसरी दिशा में मुड़ जाए।

पुलिस की मुस्तैदी और राजफाश
हालाँकि, विवेक की यह चालाकी ज्यादा देर तक काम नहीं आई। पुलिस अधीक्षक आदित्य लांग्हे और अपर पुलिस अधीक्षक अनंत चंद्रशेखर ने इस जघन्य वारदात की गंभीरता को देखते हुए खुद पूरे मामले की मॉनिटरिंग शुरू कर दी।  पुलिस की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ी, विवेक सिंह के बयानों में विरोधाभास मिलने लगा और उसकी भूमिका संदिग्ध होती गई। पुलिस टीम ने कड़ाई से जांच करते हुए घटना से जुड़ा सबसे अहम सबूत, सीसीटीवी कैमरे का डीवीआर (DVR) बरामद कर लिया, जिसने विवेक की पूरी साजिश का पर्दाफाश कर दिया।

जल्द होगा औपचारिक खुलासा
पुलिस ने आरोपी विवेक सिंह को हिरासत में ले लिया है और उससे पूछताछ जारी है। पुलिस का मानना है कि इस हत्याकांड में कुछ अन्य लोग भी शामिल हो सकते हैं, जिनके चेहरों से पर्दा उठना अभी बाकी है।  चंदौली पुलिस जल्द ही एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए इस पूरे मामले का औपचारिक खुलासा करेगी। इस घटना ने एक बार फिर समाज को सोचने पर मजबूर कर दिया है कि संपत्ति का लालच किस कदर अपनों को ही अपनों का दुश्मन बना देता है।