आज से होगा शारदीय नवरात्र का शुभारंभ, जानें घटस्थापना का शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

 

11 अक्टूबर से शारदीय नवरात्र की शुरुआत हो रही है। इस दिन घटस्थापना के साथ मां शैलपुत्री की पूजा होगी। अगर आप भी कोई शुभ काम या यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो जानिए आज का सही मुहूर्त, राहुकाल और ग्रह-नक्षत्रों का हाल।
 

शारदीय नवरात्र का पहला दिन और घटस्थापना

मां शैलपुत्री की पूजा का शुभ मुहूर्त

सूर्य-चंद्रमा का शुभ और दुर्लभ योग

राहुकाल और यमगंड काल का सही समय

हिंदू धर्म में किसी भी शुभ काम, पूजा-पाठ, निवेश या नई शुरुआत से पहले पंचांग देखना बहुत जरूरी माना जाता है। पंचांग की मदद से हम दिन के शुभ और अशुभ समय का पता लगाते हैं। आइए जानते हैं 11 अक्टूबर 2026 का पूरा पंचांग।

शारदीय नवरात्र की शुरुआत और तिथि
11 अक्टूबर 2026 को आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि है, जो रात 9:31 बजे तक रहेगी। इसके बाद द्वितीया तिथि शुरू हो जाएगी। इस दिन से शारदीय नवरात्र का पावन पर्व शुरू हो रहा है। पहले दिन घटस्थापना (कलश स्थापना) की जाएगी और मां दुर्गा के प्रथम स्वरूप मां शैलपुत्री की विधि-विधान से पूजा होगी।

सूर्योदय, चंद्रोदय और ग्रहों की स्थिति
रविवार को सूर्योदय सुबह 6:26 बजे और सूर्यास्त शाम 6:01 बजे होगा। चंद्रोदय सुबह 6:47 बजे और चंद्रास्त शाम 6:19 बजे होगा। इस दिन सूर्य देव कन्या राशि और चित्रा नक्षत्र में रहेंगे। चित्रा नक्षत्र के स्वामी मंगल हैं, जो सूर्य के मित्र हैं। इस मेल से लोगों के अंदर आत्मविश्वास और साहस बढ़ेगा। नौकरीपेशा और प्रबंधन से जुड़े लोगों को काम में सफलता और तरक्की मिल सकती है।

आज के सबसे शुभ मुहूर्त
अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:50 बजे से दोपहर 12:36 बजे तक रहेगा। यह दिन का सबसे शुभ समय है, जिसमें किए गए काम में सफलता मिलती है।

अमृतकाल: दोपहर 3:53 बजे से शाम 5:32 बजे तक रहेगा। यह समय नए व्यापार, पूजा-पाठ और निवेश के लिए बहुत ही उत्तम माना जाता है।

इन अशुभ समय में सावधान रहें
राहुकाल: शाम 4:34 बजे से 6:01 बजे तक रहेगा। इस दौरान कोई भी नया या मांगलिक कार्य शुरू न करें।

गुलिक काल: दोपहर 3:07 बजे से शाम 4:34 बजे तक रहेगा। इस समय नया काम शुरू करने से बचें, हालांकि बैंक में पैसे जमा करना या दान देना शुभ रहता है।

यमगंड काल: दोपहर 12:13 बजे से 1:40 बजे तक रहेगा। इस समय में यात्रा और पैसों के लेन-देन से बचना चाहिए।

राशि, योग और दिशाशूल
रविवार को रात 9:05 बजे तक वैधृति योग रहेगा। चंद्रमा सुबह 10:03 बजे तक कन्या राशि में रहने के बाद तुला राशि में प्रवेश कर जाएगा। रविवार के दिन पश्चिम दिशा में दिशाशूल रहता है, इसलिए इस दिशा में जरूरी न हो तो यात्रा करने से बचें।