13 सितंबर 2026 का पंचांग: वराह जयंती पर जानें पूजा का शुभ मुहूर्त और राहुकाल का समय
13 सितंबर 2026 को भाद्रपद शुक्ल पक्ष में वराह जयंती मनाई जाएगी। इस दिन शुभ कार्यों के लिए अभिजीत मुहूर्त और अमृत काल का समय क्या है, तथा किस समय यात्रा या नए काम से बचना चाहिए, जानिए पूरा पंचांग।
वराह जयंती पर विष्णु पूजन का शुभ समय
13 सितंबर को अभिजीत मुहूर्त का सटीक समय
राहुकाल के दौरान नए कामों से बचें
पश्चिम दिशा में यात्रा से पहले जानें दिशाशूल
श्रीमद्भागवत पुराण पाठ का मिलेगा विशेष फल
13 सितंबर 2026 का पंचांग, वराह जयंती पूजन शुभ मुहूर्त, 13 सितंबर राहुकाल का समय, रविवार का अभिजीत मुहूर्त समय, भाद्रपद शुक्ल पक्ष तृतीया तिथिहिंदू धर्म में किसी भी नए काम की शुरुआत, पूजा-पाठ, निवेश या यात्रा से पहले पंचांग देखना बहुत जरूरी माना जाता है। पंचांग हमारी पारंपरिक काल-गणना प्रणाली है, जो सूर्य और चंद्रमा की चाल पर निर्भर करती है। 13 सितंबर 2026, रविवार के दिन कई विशेष धार्मिक योग बन रहे हैं।
वराह जयंती और पूजा का धार्मिक महत्व
13 सितंबर को भाद्रपद महीने के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि सुबह 7:08 बजे तक रहेगी, जिसके बाद तृतीया तिथि लग जाएगी। यह दिन भगवान विष्णु के वराह अवतार को समर्पित है, इसलिए इसे वराह जयंती के रूप में मनाया जाता है। इस पावन अवसर पर भगवान वराह की पूजा करना बेहद फलदायी माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन श्रीमद्भागवत पुराण के तीसरे स्कंध का पाठ करने और विष्णु सहस्रनाम का जाप करने से घर में सुख-समृद्धि आती है और सभी बाधाएं दूर होती हैं।
सूर्योदय, सूर्यास्त और नक्षत्र की स्थिति
रविवार को सुबह 6:16 बजे सूर्योदय होगा और शाम को 6:29 बजे सूर्यास्त होगा। वहीं, चंद्रोदय सुबह 8:03 बजे और चंद्रास्त शाम को 7:47 बजे होगा। ग्रह-नक्षत्रों की बात करें तो सूर्य पूर्व फाल्गुनी नक्षत्र में रहेगा। दोपहर 1:06 बजे तक हस्त नक्षत्र रहेगा, जिसके बाद चित्रा नक्षत्र शुरू हो जाएगा। इसके अलावा दोपहर 1:43 बजे तक शुक्ल योग रहेगा, फिर ब्रह्म योग की शुरुआत होगी।
शुभ मुहूर्त: अभिजीत और अमृत काल
दिन का सबसे पवित्र और शुभ समय अभिजीत मुहूर्त माना जाता है। 13 सितंबर को अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:58 बजे से दोपहर 12:47 बजे तक रहेगा। इसके साथ ही, अमृत काल सुबह 7:03 बजे से 8:40 बजे तक रहेगा। यदि आपको कोई नया काम शुरू करना हो, खरीदारी करनी हो या पूजा-अर्चना करनी हो, तो इन शुभ समयावधियों का उपयोग करना सबसे उत्तम रहेगा।
अशुभ समय: राहुकाल में भूलकर न करें नए काम
पंचांग के अनुसार, दिन में कुछ समय ऐसा भी होता है जब शुभ काम करने की मनाही होती है। 13 सितंबर को शाम 4:57 बजे से 6:29 बजे तक राहुकाल रहेगा। इसके अलावा, दोपहर 3:25 बजे से 4:57 बजे तक गुलिक काल और दोपहर 12:22 बजे से शाम 1:54 बजे तक यमगंड काल रहेगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस अशुभ समय में किसी भी नए काम या यात्रा की शुरुआत करने से बचना चाहिए।
राशि स्थिति और दिशाशूल का ध्यान रखें
इस दिन सूर्य वृश्चिक राशि में और चंद्रमा मकर राशि में विराजमान रहेगा। रविवार के दिन पश्चिम दिशा में दिशाशूल रहता है। वास्तु और ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, इस दिशा में यात्रा करना शुभ नहीं माना जाता। यदि पश्चिम दिशा में यात्रा करना बहुत जरूरी हो, तो ज्योतिषीय उपायों का पालन करके और बड़ों का आशीर्वाद लेकर ही घर से बाहर निकलें।