3 सितंबर 2026 पंचांग: भाद्रपद कृष्ण सप्तमी पर बन रहे हैं कई योग, जानें शुभ-अशुभ मुहूर्त और राहुकाल
3 सितंबर 2026 को भाद्रपद कृष्ण पक्ष सप्तमी तिथि
सुबह 11:33 से दोपहर 12:23 बजे तक अभिजित मुहूर्त
दोपहर 1:33 से 3:07 बजे तक रहेगा राहुकाल
कृतिका नक्षत्र और व्याघात योग का बन रहा संयोग
गुरुवार को दक्षिण दिशा की यात्रा में दिशाशूल का ध्यान रखें
हिंदू धर्म में किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत से पहले पंचांग देखना बेहद जरूरी माना जाता है। 3 सितंबर 2026, गुरुवार को भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि है। यह तिथि 4 सितंबर की रात 2:26 बजे तक रहेगी। इस दिन कृतिका नक्षत्र रात 12:30 बजे तक रहेगा, जिसे ऊर्जा, साहस और दृढ़ता का प्रतीक माना जाता है।
शुभ और अशुभ समय का रखें ध्यान
दिन में शुभ काम शुरू करने के लिए अभिजित मुहूर्त सबसे उत्तम माना जाता है। 3 सितंबर को अभिजित मुहूर्त सुबह 11:33 बजे से दोपहर 12:23 बजे तक रहेगा। वहीं, राहुकाल दोपहर 1:33 बजे से 3:07 बजे तक रहेगा। राहुकाल के दौरान नए और मांगलिक कार्यों की शुरुआत करने से बचना चाहिए। इसके अलावा यमगंड सुबह 5:40 से 7:15 बजे तक और गुलिक काल सुबह 8:49 से 10:24 बजे तक रहेगा।
व्याघात योग और विष्टि करण की सावधानी
ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, इस दिन व्याघात योग और विष्टि करण का प्रभाव रहेगा। व्याघात योग में किसी भी नए और बड़े काम को शुरू करने से पहले सतर्कता बरतनी चाहिए। विष्टि करण को भी सामान्यतः शुभ कार्यों के लिए बहुत अनुकूल नहीं माना जाता, इसलिए इस दौरान सोच-समझकर ही फैसले लें।
गुरुवार को भगवान विष्णु की पूजा का महत्व
गुरुवार का दिन देवगुरु बृहस्पति और भगवान विष्णु को समर्पित होता है। इस दिन श्रद्धालु व्रत रखते हैं, मंत्रों का जाप करते हैं और दान-पुण्य करते हैं। इस दिन पीले कपड़े पहनना, पीले फूल चढ़ाना और पीले अनाज या मिठाइयों का दान करना धार्मिक दृष्टि से बहुत शुभ माना जाता है।
दक्षिण दिशा की यात्रा में दिशाशूल का ध्यान रखें
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, गुरुवार को दक्षिण दिशा में दिशाशूल रहता है। इसलिए इस दिन दक्षिण दिशा की ओर यात्रा करने से बचना चाहिए या कष्टकारी माना जाता है। अगर बहुत जरूरी काम से जाना ही पड़े, तो पारंपरिक नियमों और उपायों का पालन करके ही घर से बाहर निकलें।