सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा का भव्य समापन, सुदामा-कृष्ण मिलन और विवाह प्रसंग पर झूमे भक्त, आज होगा विशाल भंडारा
चंदौली में सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा का समापन हुआ। स्वामी लोकेशानंद जी ने कृष्ण-सुदामा मित्रता सुनाई। सोमवार को विशाल भंडारे का आयोजन किया गया है।
सात दिवसीय भागवत कथा का समापन
भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा की मित्रता
स्वामी लोकेशानंद जी महाराज के प्रवचन
सोमवार को विशाल भंडारे का आयोजन
सदर ब्लॉक प्रमुख संजय सिंह शामिल
चंदौली जिले के छत्रपुरा गांव में पिछले सात दिनों से चल रही श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का आज बहुत ही धूमधाम और भव्यता के साथ समापन हो गया। इस पावन सात दिवसीय धार्मिक अनुष्ठान के आखिरी दिन कथा पंडाल में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। पूरा वातावरण 'हरे रामा हरे कृष्णा' और भगवान बांके बिहारी के जयकारों से पूरी तरह गूंज उठा। इस अंतिम दिन कथा सुनने के लिए दूर-दराज से लोग पहुंचे और भक्ति भाव में सराबोर नजर आए।
कृष्ण-सुदामा की मित्रता और लीलाओं का मंचन
कथा के अंतिम दिन व्यासपीठ से बहुत ही मनमोहक प्रसंग सुनाए गए। भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं, उनके विवाह की कथा के साथ-साथ सुदामा के साथ उनकी अटूट मित्रता को दर्शाने वाली लीला का बहुत ही सुंदर वर्णन किया गया। इसके अलावा, कलियुग में भगवान के अवतार और धर्म के मार्ग पर चलने की जानकारी दी गई। इन सभी प्रसंगों को सुनकर वहां मौजूद सभी भक्तों की आंखें नम और मन प्रफुल्लित हो गया।
गुरु वंदना और बांके बिहारी की आरती
इस अंतिम दिवस के सत्र की शुरुआत पूरी विधि-विधान से व्यासपीठ पूजन, गुरु वंदना और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हुई। स्वामी जी और उपस्थित विप्रजनों ने भगवान श्रीमन नारायण और गुरु परंपरा को नमन किया। इसके बाद पूरे पंडाल में मौजूद श्रद्धालुओं ने खड़े होकर भागवत जी की मंगलमय आरती में हिस्सा लिया। "श्री बांके बिहारी तेरी आरती गाऊं..." के संकीर्तन गूंजते ही पूरा पंडाल पूरी तरह भक्ति भाव में डूब गया।
कई गणमान्य हस्तियों ने लिया आशीर्वाद
सप्तम दिवस के इस पावन आयोजन में क्षेत्र के कई दिग्गज और गणमान्य लोगों ने भी शिरकत की। कार्यक्रम के दौरान सदर ब्लॉक प्रमुख संजय सिंह बबलू, पूर्व विधायक मनोज सिंह डब्लू के पुत्र प्रशांत सिंह, पूर्व अधिकारी आरएन सिंह, भाजपा नेता केएन पांडेय और नगर पंचायत सैयदराजा के प्रतिनिधि राहुल जायसवाल समेत तमाम लोगों ने कथा सुनी। इन सभी ने व्यासपीठ पर पहुंचकर स्वामी लोकेशानंद जी महाराज का आशीर्वाद लिया और आरती में भाग लिया।
अमृतवाणी और विशाल भंडारे का आमंत्रण
कथा की अंतिम वेला में स्वामी लोकेशानंद सरस्वती जी महाराज ने अपने मुखारविंद से ब्रज महिमा का बखान किया और जीवन में गुरु कृपा की महत्ता समझाई। कथा की पूर्णाहुति के बाद सभी भक्तों में चरणामृत और महाप्रसाद का वितरण किया गया। आयोजकों ने जानकारी दी कि इस सात दिवसीय सफल आयोजन के बाद अब सोमवार, 2 नवंबर को एक विशाल भंडारे का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें सभी को प्रसाद ग्रहण करने के लिए आमंत्रित किया गया है।