जमुड़ा घोसवा में पंचकुंडीय महायज्ञ की धूम, राधे-कृष्ण की मूर्तियों की प्राण प्रतिष्ठा से भक्तिमय हुआ वातावरण
चंदौली के जमुड़ा घोसवा गांव में पंचकुंडीय हरिहरात्मक महायज्ञ के दौरान आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। काशी के विद्वानों द्वारा मंत्रोच्चार और साध्वी बिंदु व सुशांत मुनी महाराज की कथा ने क्षेत्र को पूरी तरह आध्यात्मिक रंग में सराबोर कर दिया है।
पंचकुंडीय हरिहरात्मक महायज्ञ का आयोजन
राधे-कृष्ण मूर्तियों की प्राण प्रतिष्ठा
साध्वी बिंदु की श्रीमद्भागवत कथा
सुशांत मुनी की शिवपुराण व्याख्या
अन्नाधिवास में विराजे भगवान श्रीकृष्ण
भक्ति की बयार: जमुड़ा में पंचकुंडीय महायज्ञ के साथ राधे-कृष्ण की प्राण प्रतिष्ठा, कथा के रसपान से निहाल हुए श्रद्धालु
चंदौली जनपद के कंदवा विकास खंड बरहनी अंतर्गत जमुड़ा घोसवा गांव स्थित सर्वानंद तीर्थ सरोवर पर आयोजित पंचकुंडीय हरिहरात्मक महायज्ञ के तीसरे दिन सोमवार को धार्मिक श्रद्धा और उत्साह का अनूठा संगम देखने को मिला। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हवन-पूजन और ज्ञान यज्ञ की अमृत वर्षा ने पूरे क्षेत्र को भक्तिमय बना दिया है।
कल्कि अवतार और शिव विवाह का दिव्य प्रसंग
यज्ञ के दौरान आयोजित कथा पांडाल में मुंबई से पधारीं साध्वी बिंदु ने श्रीमद्भागवत कथा के माध्यम से भगवान विष्णु के विभिन्न अवतारों का सजीव वर्णन किया। उन्होंने विशेष रूप से कल्कि अवतार पर चर्चा करते हुए बताया कि कलियुग के अंत में भगवान अधर्म का नाश करने हेतु अवतरित होंगे।
वहीं, सुशांत मुनी महाराज ने महाशिवपुराण की कथा सुनाते हुए शिव विवाह के गूढ़ रहस्यों को उजागर किया। उन्होंने कहा कि महादेव 'विश्वास' का प्रतीक हैं और माता पार्वती 'श्रद्धा' का स्वरूप। उन्होंने कामदेव दहन प्रसंग की व्याख्या करते हुए इसे आत्मसंयम और कठिन तपस्या का मार्ग बताया, जिसके उपरांत ही श्रद्धा और विश्वास का दिव्य मिलन संभव हो पाया।
राधे-कृष्ण की मूर्तियों का अनुष्ठान
यज्ञ स्थल पर नवनिर्मित मंदिर में राधे-कृष्ण की मूर्तियों की प्राण प्रतिष्ठा का पावन अनुष्ठान भी अत्यंत शास्त्रीय विधि से संचालित किया जा रहा है। विद्वान पंडित लड्डू तिवारी ने धार्मिक परंपराओं की जानकारी देते हुए बताया कि वर्तमान में भगवान 'अन्नाधिवास' में विराजमान हैं। अधिवास की प्रक्रिया पूर्ण होने के उपरांत मूर्तियों को पूर्ण चैतन्य कर उनकी प्राण प्रतिष्ठा संपन्न की जा रही है। काशी से पधारे यज्ञाचार्य डॉ. भारद्वाज पाण्डेय ने यज्ञ की महिमा बताते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों से समाज में सकारात्मक और आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार होता है।
श्रद्धालुओं का उमड़ा सैलाब
इस धार्मिक अनुष्ठान में जमुड़ा घोसवा सहित आसपास के दर्जनों गांवों के ग्रामीण बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं। कार्यक्रम में मुख्य रूप से बाली सिंह, गुरु प्रसाद सिंह, हरिदेव सिंह, देवेंद्र सिंह, अजय सिंह, रवि प्रकाश सिंह, रत्नाकर तिवारी, संतोष तिवारी, बबिता सिंह, मीरा सिंह सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। यज्ञ और कथा के इस पावन संगम से पूरे क्षेत्र का वातावरण पावन और भक्तिमय बना हुआ है।