19 अप्रैल का पंचांग: त्रिपुष्कर योग और अभिजित मुहूर्त में करें शुभ कार्यों की शुरुआत

 

19 अप्रैल को बैशाख शुक्ल द्वितीया पर त्रिपुष्कर योग और अभिजित मुहूर्त का मंगलकारी संयोग बन रहा है। पंचांग के अनुसार आज के शुभ मुहूर्त, राहुकाल और नक्षत्रों की स्थिति की संपूर्ण जानकारी यहाँ पढ़ें।

 
 

त्रिपुष्कर योग में करें शुभ कार्य

19 अप्रैल अभिजित मुहूर्त का समय

राहुकाल में शुभ कार्य से बचें

आज का शुभ पंचांग और मुहूर्त

बैशाख मास का शुभ आज दिन

सनातन धर्म में पंचांग का अत्यधिक महत्व है। दिन की शुरुआत से लेकर किसी भी महत्वपूर्ण कार्य के शुभारंभ के लिए पंचांग के पांच अंगों—तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण—का विचार करना आवश्यक होता है। पंचांग हमें शुभ और अशुभ समय के बारे में सचेत करता है, जिससे हम अपने कार्यों को बेहतर ढंग से नियोजित कर सकें। 19 अप्रैल का पंचांग विशेष रूप से कई शुभ योगों के साथ आया है।

आज की तिथि और विशेष योग
आज 19 अप्रैल, रविवार को बैशाख मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि है। सुबह 7 बजकर 10 मिनट से लेकर 10 बजकर 49 मिनट तक 'त्रिपुष्कर योग' का निर्माण हो रहा है, जो शुभ कार्यों के लिए अत्यंत फलदायी माना जाता है। इस दौरान किए गए कार्यों में सफलता की संभावना अधिक रहती है। तिथि की बात करें तो सुबह 10 बजकर 49 मिनट तक द्वितीया तिथि रहेगी, जिसके बाद तृतीया तिथि का आरंभ होगा। उदयातिथि के अनुसार, पूरे दिन द्वितीया का मान रहेगा। नक्षत्रों की चाल देखें तो सुबह 7 बजकर 10 मिनट तक भरणी नक्षत्र रहेगा, तत्पश्चात कृत्तिका नक्षत्र का प्रवेश होगा।

शुभ मुहूर्त और राहुकाल की जानकारी
धार्मिक कार्यों और महत्वपूर्ण निर्णयों के लिए शुभ मुहूर्त का चयन जरूरी है। आज अभिजित मुहूर्त दोपहर 11 बजकर 55 मिनट से 12 बजकर 46 मिनट तक रहेगा। इसके अतिरिक्त, विजय मुहूर्त दोपहर 2 बजकर 30 मिनट से 3 बजकर 22 मिनट तक प्रभावी है। वहीं, ब्रह्म मुहूर्त का समय सुबह 4 बजकर 23 मिनट से 5 बजकर 8 मिनट के बीच है।

अशुभ समय की बात करें तो राहुकाल शाम 5 बजकर 12 मिनट से 6 बजकर 49 मिनट तक रहेगा। ज्योतिष शास्त्र में राहुकाल को कोई भी नया या महत्वपूर्ण कार्य शुरू करने के लिए वर्जित माना गया है। अतः आज इस समयावधि में शुभ कार्यों से बचें। इसके अलावा, यमगंड और गुलिक काल का भी ध्यान रखें। पंचांग के माध्यम से इन समय चक्रों को जानकर आप अपने पूरे दिन की योजना बना सकते हैं और बाधाओं से बचकर सफलता प्राप्त कर सकते हैं।