आज आश्विन कृष्ण नवमी पर बन रहे हैं ये शुभ-अशुभ योग, जानें सूर्य-चंद्रमा की चाल, देश में बड़े राजनीतिक बदलाव के संकेत
04 से 10 अक्टूबर साप्ताहिक ग्रह गोचर
सूर्य और शनि का खतरनाक समसप्तम योग
राजनीतिक हलचल और जनता का विरोध प्रदर्शन
शनिश्चरी अमावस्या और प्राकृतिक प्रकोप की आशंका
10 अक्टूबर को शुक्रास्त से बाजार में तेजी
ज्योतिषाचार्यों की मानें तो 04 से 10 अक्टूबर 2026 तक की समयावधि में ग्रहों की स्थिति बहुत ही खास रहने वाली है। इस सप्ताह सूर्यदेव कन्या राशि में, मंगल कर्क राशि में और बुध तुला राशि में विराजमान रहेंगे। इसके साथ ही देवगुरु बृहस्पति कर्क राशि में, वक्री शुक्र तुला राशि में और वक्री शनि मीन राशि में रहेंगे। छाया ग्रह राहु कुंभ राशि में और केतु सिंह राशि में संचरण करेंगे। वहीं चंद्रमा मीन, मेष, वृषभ और मिथुन राशि से होकर गुजरेंगे।
सूर्य-शनि के समसप्तम योग से देश में हलचल
ज्योतिषाचार्यों का कहना है कि इस सप्ताह सूर्य और शनि का समसप्तम योग बन रहा है। यह योग देश के भीतर बड़ी राजनीतिक उथल-पुथल और जनता के विरोध प्रदर्शन का कारण बन सकता है। इस दौरान सरकारी तंत्र और अधिकारियों पर कामकाज का दबाव काफी बढ़ सकता है। इसके अलावा शनिश्चरी अमावस्या के प्रभाव से लोगों के बीच एक अनजाना भय और असुरक्षा का माहौल बनने की आशंका रहेगी।
प्राकृतिक प्रकोप और हादसों की चेतावनी
ग्रहों की इस विशेष चाल का नकारात्मक प्रभाव देश के कई हिस्सों पर पड़ सकता है। मुख्य रूप से उत्तर-पूर्व और पश्चिमोत्तर भारत के इलाकों में प्राकृतिक प्रकोप की स्थिति पैदा हो सकती है। साथ ही इन क्षेत्रों में कुछ हिंसक घटनाओं और बड़ी दुर्घटनाओं में बढ़ोतरी होने की संभावना भी बन रही है। ऐसी स्थिति में प्रशासनिक स्तर पर और आम लोगों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की जरूरत होगी।
शुक्रास्त का कमोडिटी और शेयर बाजार पर असर
10 अक्टूबर को होने वाले 'शुक्रास्त' का असर देश के व्यापार और बाजारों पर साफ दिखाई देगा। इसके प्रभाव से चांदी की कीमतों में थोड़े उतार-चढ़ाव के बाद बड़ी तेजी देखने को मिल सकती है। अनाज, सोना, चांदी, तांबा, पीतल और जस्ता जैसी धातुओं में उछाल आएगा। इसके अलावा हींग, पारा, केसर, गुड़, खांड, कपास और तिलहन के दामों में भी तेजी दर्ज की जाएगी।