चंदौली हाईवे पर 'कट' बंद होते ही बेकाबू हुए हालात, अलीनगर में 15 मिनट के अंदर दो बड़े हादसे

 

चंदौली में प्रशासन द्वारा हाईवे के अवैध कट बंद किए जाने के बाद हादसों का ग्राफ बढ़ गया है। अलीनगर क्षेत्र में शनिवार को महज 15 मिनट के अंतराल पर दो दुर्घटनाएं हुईं, जिसमें एक बाइक सवार गंभीर रूप से घायल हो गया और गिट्टी लदा डंपर पलट गया।

 
 

अवैध कट बंद होने से बढ़ी दुर्घटनाएं

रॉन्ग साइड डंपर ने बाइक को मारी टक्कर

नशे में धुत डंपर चालक ने पलटा वाहन

सर्विस रोड पर भारी वाहनों का कब्जा

सुरक्षित कट की मांग को लेकर आक्रोश

चंदौली सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए जिला प्रशासन और नेशनल हाईवे अथॉरिटी द्वारा अवैध कट बंद करने की कवायद अब आम जनता के लिए जी का जंजाल बनती जा रही है। शनिवार दोपहर अलीनगर थाना क्षेत्र के जन्सो मड़ई गांव के पास हाईवे पर महज 15 मिनट के भीतर दो अलग-अलग दुर्घटनाओं ने सुरक्षा दावों की पोल खोल दी। स्थानीय लोगों का मानना है कि वैज्ञानिक तरीके से कट न होने के कारण वाहन चालक 'रॉन्ग साइड' चलने को मजबूर हैं, जो जानलेवा साबित हो रहा है।

रॉन्ग साइड काल बना डंपर, बाइक सवार ट्रामा सेंटर रेफर
पहली बड़ी घटना उस वक्त हुई जब मुगलसराय से चंदौली की ओर जा रहे बाइक सवार बसंत लाल (निवासी वाराणसी) को रॉन्ग साइड से आ रहे एक तेज रफ्तार डंपर ने जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक के परखच्चे उड़ गए और बसंत लाल सड़क पर गिरकर लहुलुहान हो गए। अलीनगर थाना प्रभारी अनिल पांडेय ने बताया कि घायल की स्थिति चिंताजनक होने के कारण उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद वाराणसी ट्रामा सेंटर रेफर किया गया है। घटना के बाद डंपर चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया।

नशे में धुत चालक ने नाले में पलटा डंपर
अभी पुलिस पहली घटना की कागजी कार्रवाई शुरू ही कर रही थी कि महज 100 मीटर की दूरी पर एक और हादसा हो गया। यहाँ गिट्टी से लदा एक डंपर अनियंत्रित होकर सर्विस रोड के किनारे नाले को तोड़ते हुए पलट गया। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि डंपर चालक पूरी तरह नशे में था और उसके पास से नशीली पुड़िया भी मिली हैं। गनीमत रही कि इस पलटाव में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन हाईवे की सर्विस रोड पूरी तरह बाधित हो गई।

ग्रामीणों का फूटा गुस्सा: "सुरक्षा नहीं, परेशानी बढ़ा दी"
हाईवे पर लगातार हो रहे हादसों से ग्रामीणों का आक्रोश चरम पर है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अवैध कट बंद होने के बाद उन्हें 5 से 6 किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ रहा है। इससे बचने के लिए लोग रॉन्ग साइड चलते हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि प्रशासन ने बिना किसी योजना के कट बंद कर दिए हैं, जिससे अब भारी वाहन सर्विस रोड पर दौड़ रहे हैं। इससे स्कूली बच्चों और राहगीरों के लिए हर पल खतरा बना रहता है।

ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि नेशनल हाईवे पर हर डेढ़ से दो किलोमीटर पर 'सुरक्षित और नियोजित कट' दिए जाएं, ताकि लोग नियमों का पालन कर सकें और रॉन्ग साइड ड्राइविंग पर अंकुश लग सके।