लेखपाल पर फर्जी वरासत और हत्या करने का केस दर्ज, जानें क्या है पूरा मामला
विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी एक्ट कोर्ट के आदेश पर अलीनगर थाने में क्षेत्रीय लेखपाल और एक ग्रामीण के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। आरोप है कि इन्होंने फर्जी दस्तावेज से वरासत दर्ज कर मारपीट और गाली-गलौज की।
कोर्ट के आदेश पर दर्ज मुकदमा
लेखपाल पर फर्जी वरासत का आरोप
हत्या के प्रयास और मारपीट केस
एससी/एसटी एक्ट की धाराओं में कार्रवाई
अलीनगर पुलिस कर रही जांच
चंदौली जिले के अलीनगर थाना क्षेत्र में न्यायालय के आदेश पर क्षेत्रीय लेखपाल समेत दो लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज हुआ है। इस कार्रवाई के बाद से राजस्व विभाग और स्थानीय क्षेत्र में काफी हलचल देखने को मिल रही है। यह पूरा मामला विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी एक्ट, चंदौली की अदालत के सख्त आदेश के बाद दर्ज किया गया है।
फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र से वरासत कराने का आरोप
पीडीडीयू नगर तहसील क्षेत्र के कठौड़ी गांव के रहने वाले अखिलेश कुमार राव ने अदालत में प्रार्थना पत्र दिया था। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके दादा स्व. भभूति ने अपनी संपत्ति उनकी माता उमा देवी को दे दी थी। लेकिन कुछ जमीन का नामांतरण बाकी रह गया था। इसी का फायदा उठाकर क्षेत्रीय लेखपाल संजीव कुमार सिंह और गांव के रामवृक्ष ने फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाकर वर्ष 2025 में जमीन की वरासत रामवृक्ष के नाम दर्ज करा दी।
कागज फाड़ने, मारपीट और जान से मारने का प्रयास
पीड़ित का आरोप है कि 14 और 15 मई 2026 को जब उन्होंने पचफेड़वा बाजार में लेखपाल से इस बारे में पूछताछ की, तो उन्होंने मृत्यु प्रमाण पत्र और परिवार रजिस्टर की प्रतियां देखकर फाड़ दीं। विरोध करने पर जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए गाली-गलौज की गई। आरोप है कि रामवृक्ष के साथ मिलकर अखिलेश के साथ मारपीट की गई, गला दबाकर जान से मारने का प्रयास किया गया और धमकी दी गई।
थाने में सुनवाई न होने पर कोर्ट पहुंचे पीड़ित
अखिलेश कुमार का कहना है कि इस घटना के बाद उन्होंने अलीनगर थाने और पुलिस अधीक्षक से शिकायत की थी, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। मजबूरी में उन्हें अदालत का दरवाजा खटखटाना पड़ा। अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए अलीनगर पुलिस को मुकदमा दर्ज कर जांच करने का आदेश दिया। पुलिस ने बीएनएस और एससी/एसटी एक्ट की धाराओं में केस दर्ज कर लिया है।
अलीनगर पुलिस का बयान
इस मामले पर अलीनगर इंस्पेक्टर गगन राज सिंह ने बताया कि अदालत के आदेश का पालन करते हुए मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की पूरी निष्पक्षता से जांच की जा रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।