अलीनगर के निजी अस्पताल में महिला की मौत पर बवाल, डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप

 

चंदौली के अवंतिका अस्पताल में इलाज के दौरान बिहार की एक बुजुर्ग महिला की मौत हो गई। परिजनों ने डॉक्टरों पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाकर हंगामा किया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर जांच शुरू कर दी है।

 
 

चंदौली के निजी अस्पताल में महिला की मौत

डॉक्टर की लापरवाही का परिजनों ने लगाया आरोप

अलीनगर पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा

स्वास्थ्य विभाग अस्पताल की जांच में जुटा

चंदौली जनपद के अलीनगर थाना क्षेत्र स्थित आलमपुर गांव के पास बने अवंतिका अस्पताल में बीती रात इलाज के दौरान एक बुजुर्ग महिला की मौत हो गई। मृतका की पहचान 65 वर्षीय सुरसत्ती देवी के रूप में हुई है, जो पड़ोसी राज्य बिहार की रहने वाली थीं। महिला की मौत की खबर मिलते ही उनके परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा करना शुरू कर दिया।

सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस
अस्पताल में हंगामे की जानकारी मिलते ही अलीनगर थाना अध्यक्ष गगन राज सिंह पुलिस बल के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे। पुलिस ने आक्रोशित परिजनों को समझा-बुझाकर शांत कराया और स्थिति को नियंत्रण में लिया। इसके बाद पुलिस ने महिला के शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया, ताकि मौत के सही कारणों का पता चल सके।

परिजनों का आरोप- डॉक्टर की लापरवाही से गई जान
मामले की जानकारी देते हुए अलीनगर थाना अध्यक्ष गगन राज सिंह ने बताया कि मृतका के परिजनों ने अस्पताल के डॉक्टरों पर इलाज में लापरवाही बरतने का गंभीर आरोप लगाया है। पुलिस हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

स्वास्थ्य विभाग भी करेगा कड़ी जांच
वहीं, इस पूरे मामले पर जिला मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) परितोष मिश्रा ने बताया कि घटना की पूरी जानकारी जुटाई जा रही है। किन परिस्थितियों में महिला की मौत हुई और इलाज में किस स्तर पर लापरवाही हुई, इसकी गहन जांच की जाएगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर अस्पताल प्रशासन के खिलाफ नियमानुसार सख्त से सख्त कदम उठाए जाएंगे।

जिले में लगातार बढ़ रहे हैं ऐसे मामले
स्थानीय लोगों का कहना है कि जनपद में फर्जी तरीके से अस्पताल चलाने का खेल जोरों पर है। बड़े डॉक्टरों की डिग्री का इस्तेमाल कर अस्पताल खोल दिए जाते हैं, लेकिन मरीजों का इलाज झोलाछाप डॉक्टर करते हैं। इतना ही नहीं, दलालों के जरिए कमिशन का लालच देकर बिहार से सीधे-सादे मरीजों को यहां बुलाया जाता है, जिसके कारण आए दिन लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ती है।