बेसमेंट में चल रहा था अस्पताल, मौके से गायब मिले सर्जन! जानिए SDM राजेश वर्मा ने क्यों सीज किया अवंतिका हॉस्पिटल

 

अलीनगर के अवंतिका हॉस्पिटल में हर्निया के ऑपरेशन के बाद बिहार निवासी बुजुर्ग महिला की मौत पर हंगामा खड़ा हो गया। जांच में अस्पताल बेसमेंट में चलता मिला और मौके पर सर्जन भी गायब थे। एसडीएम ने अस्पताल को सीज कर दिया है।

 
 

अवंतिका हॉस्पिटल में लापरवाही से मौत

बेसमेंट में चल रहा था अस्पताल

एसडीएम राजेश वर्मा ने किया सीज

भर्ती मरीजों को जिला अस्पताल भेजा

चंदौली जिले के अलीनगर थाना क्षेत्र स्थित आलमपुर (वार्ड नंबर 3) के पास अवंतिका हॉस्पिटल में ऑपरेशन के बाद एक महिला की मौत हो गई। इस घटना के बाद मृतक के परिजनों ने अस्पताल में जमकर हंगामा किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने औचक जांच की और अस्पताल में भारी अनियमितताएं मिलने पर उसे तत्काल प्रभाव से सीज कर दिया।

आयुष्मान कार्ड पर कराया था भर्ती, परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप
बिहार के कैमूर (भभुआ) की रहने वाली 65 वर्षीया सुरसती देवी को आयुष्मान कार्ड के तहत हर्निया के इलाज के लिए अवंतिका हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। परिजनों का आरोप है कि इलाज में घोर लापरवाही बरती गई, जिससे महिला की जान चली गई। अस्पताल प्रबंधन ने इसे हार्ट अटैक बताकर पल्ला झाड़ने की कोशिश की। परिजनों ने अवैध वसूली और आयुष्मान योजना का लाभ न देने का भी आरोप लगाया।

बेसमेंट में चल रहा था अस्पताल, डॉक्टर भी मिले गायब
शिकायत मिलने पर एसडीएम मुगलसराय राजेश कुमार वर्मा, डिप्टी सीएमओ संजय कुमार, अलीनगर थानाध्यक्ष गगन राज सिंह और स्थानीय चिकित्सा प्रभारी डॉ. रविकांत सिंह की टीम ने अस्पताल पर छापा मारा। जांच में सामने आया कि पूरा अस्पताल नियमों को ताक पर रखकर बेसमेंट में चलाया जा रहा था। इतना ही नहीं, मौके पर कोई सर्जन या ऑन-ड्यूटी डॉक्टर भी मौजूद नहीं था और ऑपरेशन थिएटर भी मानकों के खिलाफ पाया गया।

एसडीएम बोले— मरीजों की सुरक्षा से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं
एसडीएम राजेश कुमार वर्मा ने बताया कि अस्पताल के संचालन में बड़ी खामियां पाई गई हैं। आयुष्मान भारत योजना के तहत मरीजों को मिलने वाली सुविधाएं और भोजन भी सही ढंग से नहीं दिया जा रहा था। इन्हीं गड़बड़ियों के चलते अवंतिका हॉस्पिटल को सीज कर दिया गया है और वहां भर्ती मरीजों को बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल में शिफ्ट कराया गया है। दोषियों के खिलाफ सख्त विधिक कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।

फर्जी और मानकविहीन अस्पतालों पर चलेगा चाबुक
इस पूरी कार्रवाई के बाद इलाके के निजी अस्पताल संचालकों में हड़कंप मचा हुआ है। नियमताबाद के प्रभारी डॉ. रविकांत सिंह ने बताया कि अब डॉक्टरों और प्रशासन की विशेष टीम बनाकर इलाके के फर्जी और मानकविहीन अस्पतालों के खिलाफ लगातार चेकिंग अभियान चलाया जाएगा। नियमों का उल्लंघन करने वाले किसी भी अस्पताल को बख्शा नहीं जाएगा।