भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामला: चकिया त्रिमुहानी पर मोमबत्ती जलाकर दी श्रद्धांजलि, पुलिस पर कौन करेगा भरोसा?

बिहार पुलिस द्वारा भरत भूषण तिवारी के कथित फेक एनकाउंटर के विरोध में चंदौली जिले में भी लोगों का गुस्सा भड़क उठा है। वरिष्ठ अधिवक्ताओं और छात्र नेताओं ने इसे लोकतंत्र की हत्या बताते हुए दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग की है।

 

भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर पर आक्रोश

चकिया मानसरोवर तालाब पर दी श्रद्धांजलि

वरिष्ठ अधिवक्ता संतोष पाठक का बयान

दोषी पुलिसवालों पर एफआईआर की मांग

पीड़ित परिवार पर मुकदमा दर्ज

बिहार पुलिस द्वारा किए गए भरत भूषण तिवारी के कथित एनकाउंटर को लेकर उत्तर प्रदेश के चंदौली में आम जनता और प्रबुद्ध वर्ग का गुस्सा भड़क उठा है। नगर के संभ्रांत नागरिकों ने इस घटना पर गहरा दुख और आक्रोश व्यक्त किया। सभी लोग चकिया त्रिमुहानी के पास स्थित मानसरोवर तालाब पर इकट्ठा हुए और मोमबत्ती जलाकर भरत भूषण तिवारी को भावभीनी श्रद्धांजलि दी। इस दौरान वहां मौजूद लोगों ने पुलिस की इस कार्रवाई को पूरी तरह से गलत ठहराया।

वरिष्ठ अधिवक्ता ने पुलिस और सरकार को घेरा
श्रद्धांजलि सभा के दौरान जिले के वरिष्ठ अधिवक्ता संतोष कुमार पाठक ने बिहार पुलिस की इस कार्रवाई पर कड़े शब्दों में आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि भरत भूषण तिवारी का एनकाउंटर पूरी तरह से गैर-कानूनी और गलत है। यह सीधे तौर पर लोकतंत्र का गला घोंटने जैसा कृत्य है। एडवोकेट पाठक ने सवाल उठाया कि देश के तमाम युवा समाज की भलाई और बेहतरी के लिए काम कर रहे हैं, तो क्या पुलिस उन सभी का एनकाउंटर कर देगी?

भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर पर आक्रोश

चकिया मानसरोवर तालाब पर दी श्रद्धांजलि

वरिष्ठ अधिवक्ता संतोष पाठक का बयान

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— Chandauli Samachar (@chandaulinews) June 21, 2026


पीड़ित परिवार पर ही मुकदमा दर्ज करने का आरोप
एडवोकेट संतोष कुमार पाठक ने स्थानीय संदर्भ देते हुए कहा कि वह खुद भी मुगलसराय और चंदौली के निवासियों के हक और उनकी भलाई के लिए लगातार काम कर रहे हैं, तो क्या उनकी आवाज को भी इसी तरह दबाने की कोशिश की जाएगी? उन्होंने बिहार की सम्राट चौधरी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार ने संविधान को ताक पर रख दिया है। इस मामले में दोषी पुलिसकर्मियों पर तो कोई कार्रवाई नहीं हुई, बल्कि उलटे मृतक भरत भूषण तिवारी के पिता, उनके परिवार और उन गांव वालों पर एफआईआर दर्ज कर दी गई है, जिनके हक के लिए भरत भूषण तिवारी लड़ाई लड़ रहे थे।

छात्र नेताओं ने की दोषी पुलिसकर्मियों पर एफआईआर की मांग
श्रद्धांजलि सभा में पहुंचे छात्र नेता अजय यादव गोलू ने भी पुलिस की इस कार्यप्रणाली की कड़ी निंदा की। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि यह कोई एनकाउंटर नहीं बल्कि भरत भूषण तिवारी की सीधे तौर पर हत्या है। इस घटना में शामिल सभी दोषी पुलिसवालों के खिलाफ तुरंत हत्या का मुकदमा (एफआईआर) दर्ज होना चाहिए, ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके। इस विरोध प्रदर्शन और श्रद्धांजलि सभा में मुख्य रूप से संतोष कुमार पाठक एडवोकेट, छात्र नेता अजय यादव गोलू, अरुण द्विवेदी और अजय तिवारी समेत भारी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे।