चैत्र नवरात्रि पर माता के दर्शन पर संकट: मैहर, वैष्णो देवी और कामाख्या जाने वाली ट्रेनों में लंबी वेटिंग लिस्ट
चैत्र नवरात्रि की शुरुआत के साथ ही शक्तिपीठों की यात्रा के लिए ट्रेनों में भारी भीड़ उमड़ पड़ी है। मैहर, वैष्णो देवी और कामाख्या जाने वाली प्रमुख ट्रेनों में वेटिंग लिस्ट लंबी हो गई है, जिससे यात्रियों की परेशानी बढ़ गई है।
नवरात्रि पर ट्रेनों में लंबी वेटिंग
शक्तिपीठ यात्रा के लिए सीट की किल्लत
मैहर और वैष्णो देवी स्पेशल ट्रेनें
रेल यात्रियों के लिए बढ़ी परेशानी
नवरात्रि यात्रा के लिए ट्रेन रिजर्वेशन
चैत्र नवरात्रि का पावन पर्व जैसे-जैसे नजदीक आ रहा है, वैसे-वैसे देश भर के शक्तिपीठों में दर्शन करने जाने वाले भक्तों की बेचैनी बढ़ती जा रही है। 19 मार्च से शुरू हो रहे देवी उपासना के इस महापर्व के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु अपनी यात्रा की योजना बना रहे हैं, लेकिन ट्रेनों में सीटों की भारी कमी ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया है।
शक्तिपीठों की ओर जाने वाली ट्रेनों में भारी भीड़
देवी धाम जाने वाली प्रमुख ट्रेनों में स्थिति बेहद चुनौतीपूर्ण बनी हुई है। मैहर (मां शारदा), जम्मू (मां वैष्णो देवी), हिमाचल प्रदेश (मां ज्वाला देवी) और असम (मां कामाख्या देवी) जाने वाली ट्रेनों में कंफर्म टिकट मिलना लगभग नामुमकिन हो गया है। अधिकांश ट्रेनों में 20 से अधिक वेटिंग चल रही है, जबकि कुछ प्रमुख ट्रेनों में तो 'नो रूम' (सीट उपलब्ध नहीं) की स्थिति बनी हुई है।
प्रमुख ट्रेनों में वेटिंग का हाल
यात्रा की योजना बना रहे यात्रियों के लिए स्थिति चिंताजनक है। यदि आंकड़ों पर गौर करें, तो मैहर जाने वाली ट्रेनों में भारी भीड़ है। सुपौल-पुणे एक्सप्रेस के स्लीपर में 26 और थर्ड एसी में 13 वेटिंग है। इसी तरह, बेगमपुरा एक्सप्रेस में स्लीपर में 101 और थर्ड एसी में 41 वेटिंग दर्ज की गई है। वहीं, 18 मार्च को कामाख्या जाने वाली ट्रेनों, जैसे डिब्रूगढ़ राजधानी, ब्रह्मपुत्र मेल, नॉर्थ-ईस्ट एक्सप्रेस और भगत की कोठी-कामाख्या एक्सप्रेस में सीटों का अकाल पड़ा हुआ है।
अहमदाबाद एक्सप्रेस, रांची-लोकमान्य तिलक टर्मिनल एक्सप्रेस और महानगरी एक्सप्रेस जैसी लंबी दूरी की गाड़ियां भी पूरी तरह से फुल हैं। इसके अलावा, कोलकाता-जम्मूतवी एक्सप्रेस और हिमगिरी एक्सप्रेस में भी कंफर्म टिकट के लिए लंबी जद्दोजहद करनी पड़ रही है।
स्थानीय स्तर पर भी बढ़ी चुनौती
पूर्वांचल की बात करें तो विंध्य धाम, सोनभद्र के डाला स्थित मां वैष्णो देवी धाम, भभुआ का मुंडेश्वरी धाम और सासाराम के तारा चंडी माता मंदिर जाने के लिए भी स्थानीय स्तर पर भारी भीड़ देखी जा रही है। हालांकि, लोग बसों और निजी वाहनों से इन स्थानों तक पहुंच रहे हैं, लेकिन दूरस्थ शक्तिपीठों जैसे मैहर या जम्मू के लिए ट्रेन ही एकमात्र सहारा है, जहां टिकट न मिलने से श्रद्धालुओं को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
रेलवे प्रशासन का क्या है कहना?
यात्रियों की बढ़ती परेशानियों पर रेल मंडल के जनसंपर्क अधिकारी विश्वनाथ ने कहा कि प्रशासन स्थिति से वाकिफ है। उन्होंने बताया कि यात्रियों को असुविधा न हो, इसके लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। भीड़ को नियंत्रित करने और यात्रियों को गंतव्य तक पहुंचाने के लिए रेलवे द्वारा कई 'स्पेशल ट्रेनें' भी चलाई जा रही हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि रेलवे की पूरी कोशिश है कि माता के भक्तों को यात्रा के दौरान कोई परेशानी न हो।
यात्रा से पहले रहें सावधान
रेलवे अधिकारियों ने सलाह दी है कि जो श्रद्धालु नवरात्रि के दौरान यात्रा करने की योजना बना रहे हैं, वे अपनी टिकट की स्थिति पहले ही जांच लें। यदि वेटिंग अधिक है, तो वैकल्पिक ट्रेनों या परिवहन के अन्य साधनों पर विचार करना ही बेहतर होगा। आने वाले छह दिनों में यह भीड़ और अधिक बढ़ने की संभावना है, जिससे टिकट खिड़की और ऑनलाइन बुकिंग पोर्टल पर भी दबाव चरम पर है।