बिहार चुनाव को लेकर चंदौली पुलिस के साथ मीटिंग, शराब तस्करी रोकने को बनाई संयुक्त रणनीति
RPF-GRP और जनपदीय पुलिस का साझा अभियान
मुगलसराय थाने में हुई पुलिस व रेलवे सुरक्षा बल के साथ अहम मीटिंग
आपसी तालमेल के साथ संयुक्त कार्रवाई पर भी दिया गया जोर
आगामी बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को देखते हुए चंदौली जनपद की सीमाओं पर सुरक्षा और निगरानी को और कड़ा किया जा रहा है। पुलिस अधीक्षक आदित्य लांग्हे ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि बिहार की सीमा से सटे इलाकों में अवैध शराब और मादक पदार्थों की तस्करी सहित अन्य आपराधिक गतिविधियों पर पूरी तरह अंकुश लगाया जाए। इसके लिए जनपदीय पुलिस, रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और जीआरपी (Government Railway Police) के बीच आपसी समन्वय के साथ संयुक्त कार्रवाई करने पर जोर दिया गया।
इसी क्रम में सोमवार को थाना मुगलसराय परिसर में अपर पुलिस अधीक्षक सदर अनंत चंद्रशेखर (IPS) की अध्यक्षता में एक विशेष गोष्ठी आयोजित हुई। बैठक में क्षेत्राधिकारी पीडीडीयू नगर, क्षेत्राधिकारी जीआरपी वाराणसी, आरपीएफ के उच्चाधिकारी, प्रभारी निरीक्षक मुगलसराय और प्रभारी निरीक्षक अलीनगर मौजूद रहे।
गोष्ठी में स्पष्ट निर्देश दिया गया कि तस्करी में संलिप्त अपराधियों की गिरफ्तारी को प्राथमिकता दी जाए और सीमावर्ती क्षेत्रों से अवैध गतिविधियों को पूरी तरह समाप्त किया जाए।
रेलवे और स्टेशन पर सख्ती
अपर पुलिस अधीक्षक सदर ने निर्देशित किया कि रेलवे स्टेशन परिसर और ट्रेनों में लगातार चेकिंग की जाए। स्टेशन के आसपास संदिग्ध व्यक्तियों और वस्तुओं की जांच में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। उन्होंने कहा कि बिहार चुनाव के दौरान तस्कर सक्रिय हो सकते हैं, इसलिए पुलिस, आरपीएफ और जीआरपी संयुक्त रूप से गश्त और अभियान चलाएं।
तस्करी पर कड़ा शिकंजा
पुलिस अधीक्षक आदित्य लांग्हे ने कहा कि बिहार की सीमा से लगी चंदौली जनपद की भौगोलिक स्थिति तस्करों के लिए चुनौतीपूर्ण रास्ते खोलती है। लेकिन इस बार संयुक्त पुलिस बलों की रणनीति से तस्करी पर पूरी तरह रोक लगाई जाएगी। उन्होंने चेतावनी दी कि शराब और मादक पदार्थों की तस्करी में शामिल किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा।
अधिकारियों की मौजूदगी
गोष्ठी में असिस्टेंट कमांडेंट RPF, क्षेत्राधिकारी पीडीडीयू नगर, क्षेत्राधिकारी जीआरपी वाराणसी और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। सभी ने आश्वस्त किया कि बिहार चुनाव से पूर्व और चुनावी प्रक्रिया के दौरान किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधियों को रोकने के लिए सघन अभियान चलाया जाएगा।