चंदौली को बाल श्रम मुक्त बनाने के लिए उद्योगों ने मिलाया हाथ, रामनगर में हुई बड़ी बैठक, बाल श्रम पर सख्त हुआ प्रशासन
चंदौली को 2026 तक पूरी तरह बाल श्रम मुक्त बनाने के लिए रामनगर औद्योगिक क्षेत्र में फैक्ट्री मालिकों के साथ अहम बैठक हुई। उद्योगपतियों ने फैक्ट्रियों में बाल मजदूरी न कराने और अभियान को सफल बनाने का संकल्प लिया।
2026 तक चंदौली बनेगा बाल श्रम मुक्त
रामनगर औद्योगिक क्षेत्र में उद्योगपतियों की बैठक
फैक्ट्रियों पर लगेगा बाल श्रम मुक्त का पोस्टर
बाल श्रम कानून का उल्लंघन करने पर होगी सख्ती
उद्योगपतियों ने अभियान को समर्थन देने का दिया वचन
चंदौली जिले को साल 2026 तक पूरी तरह से बाल श्रम मुक्त (बाल मजदूरी से आजाद) बनाने की तैयारी तेज हो गई है। उत्तर प्रदेश सरकार के इस खास अभियान के तहत गुरुवार को रामनगर औद्योगिक क्षेत्र के फेज-1 और फेज-2 में फैक्ट्री मालिकों और उद्योग प्रतिनिधियों के साथ एक बड़ी समन्वय बैठक की गई। इस बैठक में बाल मजदूरी को जड़ से खत्म करने और कानून के कड़े पालन पर विस्तार से चर्चा हुई।
बैठक में कौन-कौन रहा मौजूद?
फेज-1 में यह बैठक रामनगर इंडस्ट्रियल एसोसिएशन के महामंत्री राकेश जायसवाल और फेज-2 में एसोसिएशन के अध्यक्ष देव भट्टाचार्य की मौजूदगी में पूरी हुई। कार्यक्रम में चंदौली के श्रम प्रवर्तन अधिकारी चन्द्र प्रकाश, पं. दीनदयाल उपाध्याय नगर के श्रम प्रवर्तन अधिकारी पंकज सिंह, एसोसिएशन फॉर वॉलिंटरी एक्शन (AVA) के जिला चाइल्ड राइट्स एसोसिएट राकेश कुमार यादव और MSEMVS के प्रतिनिधि गणेश समेत कई बड़े फैक्ट्री प्रतिनिधि शामिल हुए।
कानून तोड़ा तो होगी सख्त कार्रवाई
बैठक में अधिकारियों ने बाल एवं किशोर श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम, 1986 (संशोधित 2016) की बारीकियों को समझाया। उन्होंने साफ़ शब्दों में कहा कि किसी भी फैक्ट्री या व्यावसायिक इकाई में बच्चों से काम कराना कानूनन अपराध है। सभी फैक्ट्री संचालकों से अपील की गई कि वे अपनी इकाइयों में किसी भी बच्चे को काम पर न रखें और श्रम विभाग के नियमों का ईमानदारी से पालन करें।
फैक्ट्रियों के गेट पर लगेगा खास बोर्ड
प्रशासन की ओर से सभी उद्योगपतियों से कहा गया है कि वे अपनी फैक्ट्री के मुख्य दरवाजे (मेन गेट) पर "बाल श्रम मुक्त प्रतिष्ठान" का पोस्टर या बैनर जरूर लगाएं। इसके साथ ही अभियान को आम जनता तक पहुंचाने के लिए श्रम विभाग के साथ मिलकर काम करने की अपील की गई।
उद्योगपतियों ने दिया पूरा साथ देने का भरोसा
बैठक के अंत में राकेश जायसवाल और देव भट्टाचार्य ने प्रशासन को भरोसा दिलाया कि पूरा उद्योग जगत इस मुहिम में साथ खड़ा है। सभी औद्योगिक प्रतिनिधियों ने एक सुर में साल 2026 तक आकांक्षी जनपद चंदौली को पूरी तरह बाल श्रम मुक्त बनाने का संकल्प लिया।