बबुरी में बाढ़ का खतरा कम होने की उम्मीद: DM साहब को ऐसा समझा रहे अधिकारी, चंद्रप्रभा और गढ़ई नदी का लिया जायजा

चंदौली के बबुरी क्षेत्र में लगातार बारिश और बांधों के पानी से उफनाई चंद्रप्रभा और गढ़ई नदी का डीएम चंद्र मोहन गर्ग ने जायजा लिया। पानी घटने से ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है, वहीं डीएम ने फसल नुकसान के पारदर्शी सर्वे के निर्देश दिए हैं।
 

डीएम चंद्र मोहन गर्ग ने किया बबुरी का दौरा

चंद्रप्रभा और गढ़ई नदी का जलस्तर घटने लगा

बाढ़ प्रभावित फसलों के सर्वे का दिया निर्देश

गांवों में दवा छिड़काव और साफ पानी की व्यवस्था

अधिकारियों को क्षेत्र में लगातार डटे रहने के आदेश

चंदौली जिले में पिछले दिनों हुई तेज बारिश और बांधों से पानी छोड़े जाने के कारण बाढ़ जैसी स्थिति बन गई थी। इसी का जायजा लेने जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग मंगलवार को बबुरी क्षेत्र पहुंचे। उन्होंने चंद्रप्रभा नदी और पड़्या में स्थित गढ़ई नदी का दौरा कर जलस्तर और आसपास के इलाकों का बारीकी से निरीक्षण किया।

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घटने लगा है नदियों का जलस्तर
दौरे के दौरान सिंचाई विभाग  और चंद्रप्रभा डिवीजन के अधिकारियों ने डीएम को जानकारी दी कि अब नदियों का पानी तेजी से नीचे उतर रहा है। बांधों से पानी का डिस्चार्ज भी कम कर दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि स्थिति बहुत जल्द पूरी तरह सामान्य हो जाएगी और लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है।

अधिकारियों को राहत कार्य के कड़े निर्देश
डीएम चंद्र मोहन गर्ग ने अधिकारियों से साफ कहा कि प्रदेश सरकार की मंशा हर प्रभावित ग्रामीण और किसान तक मदद पहुंचाने की है। उन्होंने निर्देश दिया कि जब तक स्थिति पूरी तरह ठीक न हो जाए, सभी अधिकारी क्षेत्र में ही रहें। जलभराव वाले इलाकों में दवा का छिड़काव कराने, पीने के लिए साफ पानी उपलब्ध कराने और फसलों के नुकसान का पारदर्शी आकलन करने के निर्देश दिए गए हैं।

किसानों और ग्रामीणों ने ली राहत की सांस
जिलाधिकारी के खुद मौके पर पहुंचने से स्थानीय लोगों और किसानों में राहत की उम्मीद जगी है। ग्रामीणों का कहना था कि नदियों के उफान से फसलों के डूबने और बस्तियों में पानी घुसने का डर बना हुआ था। हालांकि, पानी घटने की खबर और डीएम के आश्वासन से अब उन्हें बड़ी राहत मिली है।

फसलों के मुआवजे की मांग पर मिला भरोसा
निरीक्षण के दौरान स्थानीय किसानों ने मांग रखी कि जलभराव से डूबी फसलों का जल्द से जल्द सर्वे कराया जाए और उचित मुआवजा दिलाया जाए। इस पर जिलाधिकारी ने सकारात्मक रुख अपनाते हुए जल्द कार्रवाई का भरोसा दिया। निरीक्षण के दौरान उप जिलाधिकारी, सिंचाई विभाग के इंजीनियर और पुलिस प्रशासन के अधिकारी भी मौजूद रहे।