स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्व. गंजी प्रसाद की 29वीं पुण्यतिथि: पूर्व सांसद रामकिशुन सहित कई दिग्गजों ने किया नमन

 

 स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और पूर्व विधायक स्वर्गीय गंजी प्रसाद की 29वीं पुण्यतिथि डीडीयू नगर के चकिया तिराहे पर श्रद्धापूर्वक मनाई गई। पूर्व सांसद रामकिशुन यादव और पूर्व प्रमुख बाबूलाल यादव सहित कई बड़े नेताओं ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

 
 

चकिया तिराहे पर स्थापित प्रतिमा पर हुआ माल्यार्पण

1942 के भारत छोड़ो आंदोलन में काटी थी जेल

जिला बोर्ड सदस्य से लेकर तीन बार रहे विधायक

मुलायम सिंह सरकार को समर्थन देकर बदली थी राजनीति

पैतृक आवास बौरी में शाम को आयोजित हुई गोष्ठी

चंदौली जिले के स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, पूर्व विधायक और सादगी के प्रतीक स्वर्गीय गंजी प्रसाद की 29वीं पुण्यतिथि सोमवार की सुबह बेहद श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। इस अवसर पर चकिया चंदौली तिराहा स्थित उनकी भव्य प्रतिमा के पास हवन-पूजन का आयोजन किया गया। वैदिक मंत्रोचार के बाद वहां उपस्थित अपार जनसमूह ने उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया।

इस राजकीय व सामाजिक आयोजन में पूर्व सांसद रामकिशुन यादव, पूर्व ब्लॉक प्रमुख बाबूलाल यादव सहित क्षेत्र के अनेक जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीणों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। सभी ने देश की आजादी और क्षेत्र के विकास में उनके ऐतिहासिक योगदान को याद किया।

नेताजी मुलायम सिंह यादव ने कराई थी प्रतिमा की स्थापना
श्रद्धांजलि कार्यक्रम के दौरान पूर्व सांसद रामकिशुन यादव ने बताया कि स्व. गंजी प्रसाद की पुण्यतिथि प्रतिवर्ष पूरे जिले में बड़े सम्मान और श्रद्धा के साथ आयोजित की जाती है। उन्होंने पुरानी यादों को ताजा करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री स्वर्गीय नेताजी मुलायम सिंह यादव द्वारा ही इस चकिया तिराहे पर उनकी भव्य प्रतिमा की स्थापना कराई गई थी।

तभी से परंपरा के अनुसार प्रत्येक वर्ष यहाँ हवन-पूजन, माल्यार्पण एवं विशाल श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्व. गंजी प्रसाद के महान व्यक्तित्व और कृतित्व की ही देन है कि आज भी दूर-दराज के गांवों से लोग स्वतः ही उनकी पुण्यतिथि पर श्रद्धासुमन अर्पित करने खींचे चले आते हैं।

शाम को पैतृक गांव बौरी में सजी यादों की महफिल
पूर्व सांसद रामकिशुन यादव ने आगे जानकारी दी कि तिराहे पर सुबह के कार्यक्रम के बाद शाम के समय ग्राम बौरी स्थित स्व. गंजी प्रसाद के पैतृक आवास पर एक विशाल विचार गोष्ठी एवं श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। उन्होंने कहा कि स्व. गंजी प्रसाद ने अपना पूरा जीवन गांव, गरीब और पिछड़े क्षेत्र की निस्वार्थ सेवा में समर्पित कर दिया था।

वह जीवन के अंतिम क्षण तक अपनी माटी और अपने गांव से मजबूती से जुड़े रहे। उनकी सादगीपूर्ण जीवनशैली, अद्वितीय जनसेवा और प्रखर राष्ट्रभक्ति आज की युवा पीढ़ी और राजनेताओं के लिए एक महान प्रेरणा का स्रोत है। कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों ने उनके दिखाए आदर्शों पर चलने का दृढ़ संकल्प लिया।

1942 के आंदोलन में भुगती थी 15 बेतों की कठोर सजा
समारोह को संबोधित करते हुए पूर्व ब्लॉक प्रमुख बाबूलाल यादव ने स्व. गंजी प्रसाद के संघर्षों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि वर्ष 1942 के ऐतिहासिक 'भारत छोड़ो आंदोलन' में सक्रिय भागीदारी के कारण अंग्रेजी हुकूमत ने उन्हें दो वर्ष के कारावास के साथ-साथ 15 बेतों की अत्यंत क्रूर और कठोर सजा दी थी, जिसे उन्होंने सहर्ष भुगता।

देश को स्वतंत्रता मिलने के बाद भी उन्होंने जनसेवा के अपने पथ को नहीं छोड़ा और समाज के सबसे कमजोर व वंचित वर्गों के उत्थान के लिए लगातार संघर्ष करते रहे। उनकी इसी कर्मठता के कारण वर्ष 1948 में वे जिला बोर्ड वाराणसी के सम्मानित सदस्य निर्वाचित हुए और फिर वर्ष 1962 में नियामताबाद के ब्लॉक प्रमुख चुने गए।

राजनीतिक सफर और मुलायम सरकार को ऐतिहासिक समर्थन
स्व. गंजी प्रसाद की राजनीतिक लोकप्रियता का ग्राफ लगातार बढ़ता रहा। वर्ष 1973-1974 में वह मुगलसराय विधानसभा क्षेत्र से पहली बार विधायक निर्वाचित हुए और क्षेत्र के विकास को एक नई प्रगतिशील दिशा दी। इसके बाद वर्ष 1977 में जनता ने उन पर दोबारा भरोसा जताया और उन्हें पुनः विधानसभा भेजा।

उनका सबसे ऐतिहासिक राजनीतिक मोड़ वर्ष 1989 में आया, जब उन्होंने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़कर भारी जीत हासिल की। उस दौर की त्रिशंकु राजनीति में उन्होंने तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव के नेतृत्व वाली सरकार को अपना बिना शर्त समर्थन देकर उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बेहद महत्वपूर्ण और निर्णायक भूमिका निभाई थी।

कई राजनैतिक दलों के दिग्गज नेता रहे मौजूद
इस गरिमामयी पुण्यतिथि कार्यक्रम में विभिन्न राजनैतिक दलों और सामाजिक संगठनों के नेताओं का जमावड़ा देखने को मिला। स्व. गंजी प्रसाद को याद करने वालों में मुख्य रूप से विधायक प्रभु नारायण यादव, पूर्व विधायक जितेन्द्र कुमार, पूर्व प्रत्याशी मनोज सिंह डब्लू और एमएलसी आशुतोष सिन्हा शामिल रहे।

इसके अलावा समर नाथ यादव, बैजनाथ यादव, पारसनाथ तिवारी, इंद्रजीत शर्मा, पूर्व प्रमुख मुलायम सिंह यादव, पूर्व चेयरमैन राजकुमार जायसवाल, जलालूदीन अंसारी, तस्लीम अंसारी, अरविंद सिंह, महेंद्र सिंह तथा पूर्व प्रमुख महेंद्र कुमार सहित सैकड़ों गणमान्य नागरिक और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।