मिडिल ईस्ट युद्ध के बीच फंसा चंदौली का जैन परिवार,  प्री-वेडिंग शूट के लिए गए थे दुबई, अब होटल में हैं कैद

 

यूपी के चंदौली जिले का एक प्रतिष्ठित परिवार मिडिल ईस्ट में छिड़े भीषण युद्ध के कारण दुबई में फंस गया है। प्री-वेडिंग शूट के लिए गए परिवार की फ्लाइट्स रद्द हो चुकी हैं। अब डीडीयू नगर स्थित परिजनों ने केंद्र सरकार से सुरक्षित वापसी की गुहार लगाई है।

 
 

चंदौली के डीडीयू नगर का जैन परिवार दुबई में फंसा

प्री-वेडिंग शूट के लिए गए थे परिवार के 5 सदस्य

मिडिल ईस्ट युद्ध के चलते सभी उड़ानें हुई रद्द

होटल में कैद परिवार ने पीएम मोदी से मांगी मदद

चंदौली जिले के पंडित दीनदयाल उपाध्याय (DDU) नगर से एक चिंताजनक खबर सामने आ रही है। यहाँ के प्रतिष्ठित व्यवसायी अजय जैन का पांच सदस्यीय परिवार वर्तमान में मिडिल ईस्ट (मध्य पूर्व) में जारी भीषण युद्ध की स्थिति के कारण दुबई में फंस गया है। अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द होने और युद्ध के गहराते संकट के बीच परिवार एक होटल में कैद होकर रह गया है और अब भारत सरकार से सुरक्षित वापसी की उम्मीद लगाए बैठा है।

खुशियों के सफर पर लगा युद्ध का ग्रहण
मिली जानकारी के अनुसार, व्यवसायी अजय जैन की पत्नी, उनके दो बेटे, बहू और बेटे के साले समेत कुल पांच लोग तीन दिन पहले एक सुखद यात्रा पर दुबई रवाना हुए थे। परिवार के एक सदस्य का विवाह होने वाला है, जिसके लिए वे 'प्री-वेडिंग शूट' के सिलसिले में दुबई गए थे। परिवार के सभी सदस्य दुबई के प्रसिद्ध बुर्ज खलीफा के पास स्थित एक आलीशान होटल में ठहरे हुए हैं। जहाँ से वे अपनी यादें संजोने की तैयारी कर रहे थे, वहीं अचानक छिड़े युद्ध ने उनकी खुशियों पर ग्रहण लगा दिया।

उड़ानें रद्द होने से बढ़ीं मुश्किलें
अजय जैन ने बताया कि उनके परिजनों की भारत वापसी की टिकटें और उड़ानें पहले से ही निर्धारित थीं। लेकिन जैसे ही मिडिल ईस्ट में युद्ध की स्थिति गंभीर हुई, सुरक्षा कारणों से अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस ने अपनी उड़ानें तत्काल प्रभाव से रद्द कर दीं। इस कारण डीडीयू नगर का यह परिवार होटल से बाहर नहीं निकल पा रहा है और न ही भारत लौटने का कोई वैकल्पिक रास्ता नजर आ रहा है। अनिश्चितता के इस माहौल ने परिवार को गहरे तनाव में डाल दिया है।

वीडियो कॉलिंग के जरिए अपनों से संपर्क
दुबई में फंसे सदस्य लगातार वीडियो कॉलिंग के माध्यम से डीडीयू नगर स्थित अपने परिजनों से संपर्क बनाए हुए हैं। हालांकि वे अभी सुरक्षित हैं, लेकिन होटल की खिड़कियों से बाहर का माहौल और युद्ध की खबरें उन्हें डरा रही हैं। चंदौली में मौजूद परिजन अपने बच्चों और बहू की सकुशल वापसी को लेकर बेहद परेशान हैं। घर में जहाँ शादी की तैयारियां चल रही थीं, वहीं अब सन्नाटा और चिंता पसरी हुई है।

प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री से मदद की गुहार
परिवार के मुखिया अजय जैन ने इस संकट की घड़ी में भारत सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार की ओर उम्मीद भरी नजरों से देखा है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भावुक अपील करते हुए कहा है कि उनके परिवार को युद्ध प्रभावित क्षेत्र से निकालने के लिए राजनयिक स्तर पर हस्तक्षेप किया जाए। उन्होंने विदेश मंत्रालय से भी संपर्क साधने का प्रयास किया है ताकि उनके परिजनों की सुरक्षित स्वदेश वापसी सुनिश्चित हो सके।

अनिश्चितता के बीच उम्मीद की किरण
वर्तमान में मिडिल ईस्ट के कई देशों के बीच जारी तनाव ने अंतरराष्ट्रीय परिवहन को बुरी तरह प्रभावित किया है। ऐसे में कई भारतीय नागरिक अलग-अलग देशों में फंसे हुए हैं। जैन परिवार को पूरी उम्मीद है कि केंद्र सरकार की 'ऑपरेशन गंगा' या 'ऑपरेशन कावेरी' जैसी सफल पहलों की तरह, इस बार भी सरकार अपने नागरिकों को सुरक्षित वापस ले आएगी। फिलहाल प्रशासन और स्थानीय प्रतिनिधि भी परिवार के संपर्क में हैं और सकारात्मक दिशा में कदम उठाने का आश्वासन दे रहे हैं।