जे. एस. पब्लिक स्कूल में 13वें वार्षिकोत्सव ‘उड़ान 2026’ की धूम, बच्चों की रंगारंग प्रस्तुतियों ने मोहा मन
चंदौली के जे. एस. पब्लिक स्कूल का 13वां वार्षिकोत्सव 'उड़ान 2026' धूमधाम से मनाया गया। मुख्य अतिथि डीएम चंद्रमोहन गर्ग की मौजूदगी में बच्चों ने शानदार सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं।
जेएस पब्लिक स्कूल में उड़ान 2026 की धूम
डीएम चंद्रमोहन गर्ग रहे कार्यक्रम के मुख्य अतिथि
बच्चों ने प्रस्तुत की कृष्ण लीला और बीहू नृत्य
माइम एक्ट से दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश
सोशल मीडिया के विवेकपूर्ण उपयोग की दी सलाह
चंदौली जिले के कासिमपुर स्थित जे. एस. पब्लिक स्कूल में 13वां वार्षिकोत्सव ‘उड़ान 2026’ बहुत ही हर्षोल्लास और भव्यता के साथ आयोजित किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि जिलाधिकारी चंद्रमोहन गर्ग और विशिष्ट अतिथि डॉ. राम मनोहर लोहिया मेडिकल कॉलेज लखनऊ के उप निदेशक सुभाष सिंह द्वारा मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण व दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई। इसके बाद विद्यार्थियों ने मनमोहक गणेश वंदना और स्वागत गीत प्रस्तुत कर 'अतिथि देवो भवः' की परंपरा को जीवंत कर दिया।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में दिखी देश की समृद्ध विविधता
वार्षिकोत्सव के दौरान बच्चों ने एक से बढ़कर एक मनमोहक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। 'दूरी दूरी डम डम' और 'चंदा मामा चमचम' जैसे गीतों पर नन्हे बच्चों की मासूमियत ने सभी का दिल जीत लिया। 'कृष्ण लीला' के जरिए द्वापर युग की झलक पेश की गई, वहीं हास्य नाटिका 'हेराफेरी' पर पूरा परिसर तालियों से गूंज उठा। इसके अलावा असम के बीहू, राजस्थानी लोकनृत्य, पूर्वांचल की कजरी और ऊर्जावान पंजाबी नृत्य ने भारत की विविध संस्कृति और लोक परंपराओं को मंच पर साकार कर दिया।
पर्यावरण और नारी सशक्तीकरण पर दिया बड़ा संदेश
समारोह में सामाजिक मुद्दों पर आधारित प्रस्तुतियां मुख्य आकर्षण रहीं। विद्यार्थियों ने मूक अभिनय (माइम एक्ट) के माध्यम से बिना किसी संवाद के पेड़ों की कटाई से होने वाले पर्यावरणीय संकट को दर्शाया और पौधरोपण की प्रेरणा दी। वहीं 'वूमेन एम्पावरमेंट' पर आधारित प्रस्तुति के जरिए समाज में महिलाओं के सम्मान, अधिकार और सुरक्षा की आवश्यकता को रेखांकित किया गया। इसके साथ ही शिक्षक दिवस पर आधारित नाटक में गुरु-शिष्य के पवित्र संबंधों और शिक्षकों के समर्पण को दिखाया गया।
'उड़ान' केवल कार्यक्रम नहीं, सपनों को साकार करने का संकल्प
विद्यालय के चेयरमैन डॉ. विधुभूषण सिंह ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए स्कूल की 13 वर्षों की शैक्षणिक व खेल उपलब्धियों को साझा किया। उन्होंने बताया कि स्कूल ने बोर्ड परीक्षाओं में शत-प्रतिशत परिणाम बनाए रखा है और सात बार सीबीएसई खेल प्रतियोगिताओं की मेजबानी की है। उन्होंने अभिभावकों से बच्चों की रुचियों को प्रोत्साहित करने और उन पर अनावश्यक दबाव न डालने की अपील की। वहीं प्रबंध समिति के अध्यक्ष राणा प्रताप सिंह ने शिक्षा के साथ संस्कारों के समन्वय पर जोर दिया।
सोशल मीडिया का सही इस्तेमाल करें छात्र: डीएम चंद्रमोहन गर्ग
मुख्य अतिथि जिलाधिकारी चंद्रमोहन गर्ग ने बच्चों की प्रतिभा की तारीफ करते हुए उन्हें शिक्षा, अनुशासन और नैतिक मूल्यों को अपनाने की प्रेरणा दी। उन्होंने वर्तमान समय में सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव का जिक्र करते हुए विद्यार्थियों को डिजिटल संसाधनों का इस्तेमाल ज्ञानवर्धन, रचनात्मकता और व्यक्तित्व विकास के लिए करने की सलाह दी। विशिष्ट अतिथि सुभाष सिंह ने भी छात्रों को लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने और गुरुओं का सम्मान करने के लिए प्रेरित किया।
भावात्मक समापन और आभार प्रदर्शन
समारोह के अंत में निदेशक व प्रधानाचार्य रजनीश सिंह ने सभी अतिथियों, अभिभावकों और शिक्षकों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि स्कूल केवल ईंट-पत्थर का ढांचा नहीं, बल्कि मां सरस्वती का पावन मंदिर है जहां बच्चों का भविष्य तराशा जाता है। अंत में सभी प्रतिभागी बच्चों की सामूहिक प्रस्तुति और पंजाबी नृत्य के साथ 'उड़ान 2026' समारोह का भव्य और अविस्मरणीय समापन हुआ।