इस गांव में दिखी गंगा-जमुनी तहजीब: मुहर्रम पर हिंदू भाइयों ने ताजियादारों को पिलाया शरबत, पेश की भाईचारे की मिसाल
चंदौली के ताहीरपुर में मुहर्रम के मौके पर हिंदू-मुस्लिम एकता की खूबसूरत तस्वीर सामने आई है। यहाँ जनप्रतिनिधियों ने कड़ी धूप में ताजियादारों को ठंडा शरबत पिलाकर इंसानियत और अटूट भाईचारे का संदेश दिया।
ताहीरपुर में सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल
ताजियादारों को पिलाया गया ठंडा शरबत
बीडीसी और पूर्व प्रधान ने की सेवा
समाज में आपसी भाईचारे का संदेश
स्थानीय लोगों ने की पहल की सराहना
चंदौली जिले के ताहीरपुर इलाके से आपसी भाईचारे और सांप्रदायिक सौहार्द की एक बेहद खूबसूरत तस्वीर सामने आई है। यहाँ शहादत और इंसानियत के पर्व मुहर्रम के मौके पर हिंदू और मुस्लिम समाज के लोग एक साथ मिलकर एकता की मिसाल पेश करते नजर आए। ताहीरपुर के क्षेत्र पंचायत सदस्य (BDC) सुरेश कुमार, गोपालपुर के पूर्व प्रधान हरिद्वार पटेल और डब्लू साहनी ने मिलकर इस नेक काम की शुरुआत की। इन लोगों ने चिलचिलाती धूप में घूम रहे ताजियादारों और अकीदतमंदों को रोककर बड़े ही प्यार से ठंडा शरबत पिलाया और उनका स्वागत किया।
मुहर्रम देता है इंसानियत की सीख
इस सेवा कार्य में स्थानीय समाजसेवी ईशान मिल्की ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और लोगों की सेवा की। इस खास मौके पर उन्होंने कहा कि मुहर्रम का त्योहार केवल किसी एक विशेष समुदाय का पर्व नहीं है। यह पर्व पूरी दुनिया को इंसानियत, त्याग, बलिदान और आपस में प्रेम से रहने का संदेश देता है। उन्होंने आगे कहा कि इस तरह के आयोजनों से हमारे समाज में एकता, आपसी सद्भाव और एक-दूसरे के प्रति सम्मान की भावना को बहुत मजबूती मिलती है।
पूरे इलाके में हो रही जमकर तारीफ
इस गंगा-जमुनी तहजीब को देखकर स्थानीय लोग गदगद हैं और इस शानदार पहल की हर तरफ सराहना हो रही है। गांव के लोगों का कहना है कि आज के दौर में ऐसे प्रयास हमारे सामाजिक ताने-बाने को और भी मजबूत और खूबसूरत बनाते हैं। इससे समाज में प्रेम, सहयोग और भाईचारे की भावना को बढ़ावा मिलता है। ताहीरपुर क्षेत्र में मुहर्रम के अवसर पर किया गया यह सेवा कार्य इस समय पूरे जिले में चर्चा और तारीफ का विषय बना हुआ है।