रेवसा आईटीआई में मिशन शक्ति फेज-5 का मेगा इवेंट:  सांसद और विधायकों ने मेधावी बेटियों को किया सम्मानित

अलीनगर के रेवसा आईटीआई में 'मिशन शक्ति फेज-5' के तहत भव्य सम्मान समारोह आयोजित हुआ। राज्यसभा सांसद साधना सिंह और विधायकों की मौजूदगी में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं को सम्मानित कर बाल विवाह रोकने की शपथ दिलाई गई।

 
 

सराहनीय योगदान देने वाली महिलाएं सम्मानित

बाल विवाह रोकने के लिए सामूहिक शपथ

मिशन शक्ति फेज-5 के द्वितीय चरण का आयोजन

सुरक्षा हेल्पलाइन 1090 और 112 की जानकारी

संबल और सामर्थ्य उप-योजनाओं पर चर्चा

चंदौली जिले के अलीनगर स्थित राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (ITI) रेवसा में बुधवार को “मिशन शक्ति फेज-5 (द्वितीय चरण)” के अंतर्गत एक भव्य 'मेगा इवेंट व सम्मान समारोह' का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य समाज में महिलाओं और बालिकाओं की भागीदारी को बढ़ाना, उन्हें उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना और आत्मनिर्भरता की राह दिखाना रहा।

प्रतिभाओं का सम्मान और प्रोत्साहन
समारोह के दौरान शिक्षा, समाज सेवा, कौशल विकास और खेल जैसे विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली बालिकाओं एवं महिलाओं को प्रशस्ति पत्र एवं स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। मुख्य अतिथियों ने कहा कि ये महिलाएं समाज के लिए प्रेरणा स्रोत हैं और इनकी सफलता अन्य बेटियों के लिए नए रास्ते खोलेगी। इस दौरान मिशन शक्ति के 'संबल' (सुरक्षा हेतु) और 'सामर्थ्य' (सशक्तिकरण हेतु) जैसे प्रमुख पहलुओं पर विस्तार से प्रकाश डाला गया।

सुरक्षा के लिए 'जीरो टॉलरेंस' की नीति
कार्यक्रम की संयुक्त रूप से अध्यक्षता राज्यसभा सांसद श्रीमती साधना सिंह, सैयदराजा विधायक सुशील सिंह और मुगलसराय विधायक रमेश जायसवाल ने की। जनप्रतिनिधियों ने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि उत्तर प्रदेश सरकार महिलाओं के खिलाफ अपराधों पर 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपना रही है। उन्होंने राष्ट्र निर्माण में महिलाओं की समान भागीदारी को "महिला-नेतृत्व विकास" के संकल्प का हिस्सा बताया।

पुलिस और समाज की सामूहिक जिम्मेदारी
पुलिस अधीक्षक चंदौली आकाश पटेल ने महिलाओं की सुरक्षा को लेकर पुलिस के अनुभवों और सुझावों को साझा किया। वहीं, अपर पुलिस अधीक्षक/क्षेत्राधिकारी सकलडीहा स्नेहा तिवारी ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा, "जानकारी ही सबसे बड़ा आत्मरक्षा का हथियार है।" उन्होंने 1090 (वूमेन पावर लाइन), 181, और 112 जैसी आपातकालीन सेवाओं की उपयोगिता बताई और कहा कि महिला सुरक्षा केवल पुलिस की नहीं, बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।

बाल विवाह रोकने का लिया गया संकल्प
कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण हिस्सा 'बाल विवाह' उन्मूलन रहा। उपस्थित सभी अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, महिलाओं और छात्रों को बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति को जड़ से खत्म करने की शपथ दिलाई गई। साथ ही, वन स्टॉप सेंटर (OSC) और महिला हेल्पलाइन (WHL) जैसी संस्थागत सहायता प्रणालियों के बारे में जानकारी दी गई।

इस भव्य आयोजन में अपर पुलिस अधीक्षक (सदर) अनन्त चन्द्रशेखर, क्षेत्राधिकारी पीडीडीयू नगर अरुण कुमार सिंह, आईटीआई रेवसा के प्रधानाचार्य अजय कुमार यादव, प्रभारी निरीक्षक अलीनगर घनश्याम शुक्ला, महिला थाना प्रभारी पूजा कौर और मिशन शक्ति केंद्र प्रभारी रमेश यादव सहित भारी संख्या में छात्राएं और मातृशक्ति उपस्थित रही।