मुगलसराय में दूसरे दिन भी चल रहा है बुलडोजर, जामा मस्जिद से सपा कार्यालय तक अवैध निर्माण होंगे ध्वस्त

 

चंदौली के मुगलसराय कस्बे में सड़क चौड़ीकरण को लेकर दूसरे दिन भी प्रशासन का बुलडोजर गरजा। जामा मस्जिद से सपा कार्यालय तक अवैध निर्माणों को ढहाए जाने की पूरी ग्राउंड रिपोर्ट पढ़ें।

 
 

मुगलसराय में दूसरे दिन भी जारी रहा अतिक्रमण हटाओ अभियान

जामा मस्जिद से सपा कार्यालय तक चला प्रशासन का बुलडोजर

पहले दिन 50 से अधिक अवैध दुकानें की गई थीं ध्वस्त

नुकसान से बचने के लिए व्यापारियों ने स्वयं तोड़े अपने निर्माण

मौके पर पांच थानों की पुलिस फोर्स के साथ अधिकारी तैनात

चंदौली जिले के मुगलसराय कस्बे में सड़क चौड़ीकरण को लेकर जिला प्रशासन का सख्त अभियान शुक्रवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। प्रशासन ने जीटी रोड पर स्थित जामा मस्जिद से लेकर समाजवादी पार्टी (सपा) कार्यालय तक अवैध अतिक्रमण के खिलाफ बुलडोजर चलाने की पूरी तैयारी कर ली है। इससे पूर्व, गुरुवार को पहले दिन की बड़ी कार्रवाई में करीब 50 से अधिक अवैध दुकानों और निर्माणों को जमींदोज किया गया था, जिससे पूरे इलाके के व्यापारियों में हड़कंप मचा हुआ है।

 मौके पर भारी पुलिस बल तैनात
शुक्रवार को शुरू हुए इस दूसरे चरण के अभियान को लेकर जिला और पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आया। मौके पर एसडीएम अनुपम मिश्रा, क्षेत्राधिकारी (सीओ) अरुण सिंह, नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी (ईओ), और पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता (एक्सईएन) स्वयं मौजूद रहे। किसी भी प्रकार के विरोध या अव्यवस्था की स्थिति से निपटने के लिए जिले के पांच थानों की पुलिस फोर्स और पीएसी को तैनात किया गया।

व्यापारियों ने खुद हटाया अपना सामान
प्रशासन की सख्ती को भांपते हुए कई व्यापारी कार्रवाई से पहले ही खुद अपना सामान सुरक्षित स्थानों पर ले जाते दिखे। दुकानदारों ने नुकसान से बचने के लिए मजदूर लगाकर अपनी दुकानों के अवैध हिस्सों को स्वयं ही तोड़ना शुरू कर दिया। एसडीएम अनुपम मिश्रा ने स्पष्ट चेतावनी दी कि जिन लोगों को पहले ही नोटिस दिया जा चुका है, उनके खिलाफ बिना किसी रियायत के कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने दो टूक कहा कि सरकारी जमीन पर किया गया कोई भी अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

पहले दिन की कार्रवाई का असर
गौरतलब है कि गुरुवार को पहले दिन की कार्रवाई के दौरान मछली मंडी से लेकर गल्ला मंडी मोड़ तक स्कूल, दुकानों और भवनों के अवैध हिस्सों को ढहा दिया गया था। उस दौरान कुछ स्थानों पर व्यापारियों और अधिकारियों के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई थी, लेकिन भारी पुलिस बल की मौजूदगी के कारण किसी ने भी सीधा विरोध करने की हिम्मत नहीं जुटाई। अधिकारियों ने व्यापारियों को समझा-बुझाकर मामला शांत कराया था और अब यह अभियान लगातार आगे बढ़ रहा है।