टेट अनिवार्यता के खिलाफ चंदौली के शिक्षकों का हल्लाबोल: 13 अप्रैल को जिला मुख्यालय पर निकलेगा विशाल मशाल जुलूस
चंदौली के नियामताबाद में शिक्षक महासंघ की बैठक में टेट अनिवार्यता के खिलाफ निर्णायक जंग का ऐलान किया गया है। आगामी 13 अप्रैल को शिक्षक अपनी मांगों को लेकर जिला मुख्यालय पर मशाल जुलूस निकालेंगे।
TET अनिवार्यता के खिलाफ शिक्षकों का आक्रोश
नियामताबाद बीआरसी में हुई ब्लॉक स्तरीय बैठक
13 अप्रैल को विशाल मशाल जुलूस का आयोजन
शिक्षक हितों की रक्षा के लिए बनाई रणनीति
प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर पर शिक्षकों के लिए टेट (TET) की अनिवार्यता को लेकर बढ़ते असंतोष के बीच, चंदौली के नियामताबाद स्थित बीआरसी सभागार में मंगलवार को अखिल भारतीय संयुक्त शिक्षक महासंघ की एक महत्वपूर्ण ब्लॉक स्तरीय बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में शिक्षकों ने सरकार की नीतियों के खिलाफ एकजुटता दिखाते हुए अपने हक की लड़ाई को सड़क पर ले जाने का संकल्प लिया।
TET अनिवार्यता पर छिड़ा संग्राम
बैठक के दौरान वक्ताओं ने टेट अनिवार्यता को शिक्षकों के हितों के विरुद्ध बताया। शिक्षक नेताओं का तर्क है कि लंबे समय से सेवा दे रहे शिक्षकों पर नए नियमों को थोपना उनके करियर और मानसिक स्थिति के साथ खिलवाड़ है। ब्लॉक स्तरीय इस चर्चा में निर्णय लिया गया कि इस मुद्दे को केवल बातचीत तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि व्यापक स्तर पर विरोध दर्ज कराया जाएगा। शिक्षकों ने दो-टूक शब्दों में कहा कि वे अपनी आवाज को तब तक बुलंद रखेंगे जब तक उनकी मांगों पर संज्ञान नहीं लिया जाता।
13 अप्रैल को जिला मुख्यालय पर शक्ति प्रदर्शन
आंदोलन की अगली रणनीति के तहत आगामी 13 अप्रैल 2026 को जिला मुख्यालय चंदौली पर एक विशाल मशाल जुलूस निकालने का निर्णय लिया गया है। बैठक में इस प्रदर्शन को सफल बनाने के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार की गई। शिक्षक महासंघ ने आह्वान किया है कि जनपद के प्रत्येक ब्लॉक से अधिक से अधिक शिक्षक इस मशाल जुलूस का हिस्सा बनें, ताकि प्रशासन और सरकार तक उनकी एकता का संदेश मजबूती से पहुँच सके।
रणनीति बनाने में जुटे दिग्गज शिक्षक नेता
इस बैठक में जिले के प्रमुख शिक्षक नेताओं ने हिस्सा लिया, जिनमें आनंद कुमार पांडेय, उपेंद्र बहादुर सिंह और रामइच्छा सिंह प्रमुख रहे। उपस्थित शिक्षकों को संबोधित करते हुए नेताओं ने कहा कि यह आंदोलन किसी व्यक्ति विशेष का नहीं, बल्कि पूरे शिक्षक समाज के अस्तित्व की लड़ाई है।
बैठक में मुख्य रूप से सुनील कुमार यादव, देवेंद्र सिंह यादव, शहबाज आलम खान, धीरेंद्र विक्रम सिंह, हिमांशु तिवारी, हरेंद्र प्रताप सिंह, राजकुमार जायसवाल, संजय यादव, प्रभात कुमार गुप्ता, मेराज अहमद और बाबूलाल यादव सहित भारी संख्या में शिक्षक प्रतिनिधि उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में 13 अप्रैल के कार्यक्रम को ऐतिहासिक बनाने का भरोसा दिलाया।