UPSC रिजल्ट: चंदौली के इशित्व और मृत्युंजय का डंका, मेधावियों की सफलता से जिले में खुशी
संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा में चंदौली के दो होनहारों ने परचम लहराया है। इशित्व आनंद ने 50वीं और मृत्युंजय गुप्ता ने 726वीं रैंक हासिल की है। सफलता से पूरे जिले में गर्व का माहौल है।
यूपीएससी परीक्षा में चंदौली का नाम
इशित्व आनंद यूपीएससी 50वीं रैंक
मृत्युंजय गुप्ता यूपीएससी सफलता कहानी
चंदौली के मेधावी छात्रों की उपलब्धि
प्रशासनिक सेवा में चंदौली के युवा
संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) के घोषित परिणाम में चंदौली जिले के दो होनहारों ने अपनी सफलता का लोहा मनवाया है। जिले के लिए गौरव का विषय यह है कि पीडीडीयू रेल मंडल कार्यालय में आरपीएफ सहायक उप निरीक्षक के पद पर तैनात अनमोल कुमारी के बेटे इशित्व आनंद ने 50वीं रैंक हासिल की है। इशित्व की इस उपलब्धि से न केवल उनके परिवार में बल्कि पूरे विभाग में खुशी का माहौल है। आरपीएफ इंस्पेक्टर प्रदीप रावत और उनकी टीम ने इशित्व की मां अनमोल कुमारी को फूल-मालाओं से सम्मानित कर इस सफलता का जश्न मनाया।
मूल रूप से बिहार के पटना जिले के बाढ़ क्षेत्र के निवासी इशित्व के पिता राजेश कुमार एक निजी क्षेत्र में इंजीनियर हैं। अपनी मां के साथ चंदौली में रहकर इंटरमीडिएट तक की शिक्षा पूरी करने वाले इशित्व ने दिल्ली के किरोड़ीमल कॉलेज से स्नातक किया। अपनी सफलता के पीछे की कहानी साझा करते हुए इशित्व ने बताया कि यह उनकी कठिन मेहनत और दृढ़ संकल्प का परिणाम है।
शिक्षक परिवार के चिराग मृत्युंजय ने भी बढ़ाया मान
इसी क्रम में चंदौली जिले के चकिया नगर के रहने वाले मृत्युंजय गुप्ता ने भी यूपीएससी की कठिन परीक्षा को उत्तीर्ण कर जिले का नाम रोशन किया है। मृत्युंजय को इस परीक्षा में 726वीं रैंक मिली है। मृत्युंजय की यह उपलब्धि उनके परिवार के लिए किसी बड़ी खुशी से कम नहीं है। उनके पिता शैलेश गुप्ता मुजफ्फरपुर स्थित कंपोजिट विद्यालय में शिक्षक हैं, जबकि उनके दादा गिरजा गुप्ता भी शिक्षक रहे हैं। परिवार में शिक्षा का जो माहौल मिला, उसी का परिणाम है कि मृत्युंजय बचपन से ही मेधावी रहे हैं।
आईआईटी दिल्ली से कंप्यूटर साइंस में बीटेक करने के बाद मृत्युंजय ने प्रशासनिक सेवा में जाने का दृढ़ लक्ष्य निर्धारित किया था। उन्होंने कहा कि लक्ष्य के प्रति समर्पण और निरंतर अभ्यास ही सफलता की कुंजी है। उनकी इस कामयाबी पर क्षेत्र के शिक्षकों, जनप्रतिनिधियों और आम लोगों ने बधाई देते हुए कहा कि उनकी मेहनत आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनेगी।
जिले में जश्न का माहौल
चंदौली से दो मेधावियों का एक साथ यूपीएससी में चयनित होना पूरे जनपद के लिए गौरव की बात है। जहां एक ओर इशित्व ने उच्च रैंक के साथ प्रशासनिक सेवा में अपना स्थान सुनिश्चित किया है, वहीं दूसरी ओर मृत्युंजय की सफलता ने ग्रामीण और मध्यमवर्गीय परिवारों के छात्रों के लिए उम्मीद की एक नई किरण जगाई है। दोनों मेधावियों की उपलब्धि पर जिले के प्रशासनिक अधिकारियों ने भी प्रसन्नता व्यक्त की है। निश्चित रूप से चंदौली के इन सितारों ने साबित कर दिया है कि लगन और सही दिशा में की गई मेहनत कभी बेकार नहीं जाती।