24 साल का आतंक खत्म करने की कोशिश: कुख्यात हिस्ट्रीशीटर धर्मेंद्र भारती के ऐसे थे कारनामे
चंदौली पुलिस ने देर रात एक मुठभेड़ के बाद कुख्यात हिस्ट्रीशीटर धर्मेंद्र भारती को गिरफ्तार कर लिया है। 24 वर्षों से अपराध की दुनिया में सक्रिय धर्मेंद्र पर 40 गंभीर मुकदमे दर्ज हैं। वह प्रधानपति बनकर अपराध का नेटवर्क चला रहा था।
चन्दौली का कुख्यात हिस्ट्रीशीटर गिरफ्तार
पुलिस मुठभेड़ में घायल अपराधी धर्मेंद्र
24 साल से अपराध में सक्रिय
प्रधानपति बनकर करता था अवैध वसूली
बिहार तक फैला था आपराधिक नेटवर्क
अपराधी से 'प्रधानपति' तक का सफर, पुलिस से तालमेल बढ़ाने की करता था कोशिश, एक गलती से खानी पड़ी है पुलिस की गोली, 24 साल से अपराध का साम्राज्य चला रहा है कुख्यात धर्मेंद्र भारती
चंदौली जिले के अलीनगर थाना क्षेत्र में लंबे समय से दहशत का पर्याय बना कुख्यात हिस्ट्रीशीटर धर्मेंद्र भारती आखिरकार पुलिस के हत्थे चढ़ गया है। देर रात हुई एक मुठभेड़ के बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है। करीब दो दशकों से अधिक समय से सक्रिय इस अपराधी ने अपराध का एक ऐसा नेटवर्क खड़ा कर रखा था, जिसकी जड़ें चन्दौली से लेकर वाराणसी, मिर्जापुर और बिहार तक फैली हुई थीं।
24 वर्षों का लंबा आपराधिक इतिहास
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, धर्मेंद्र भारती वर्ष 2002 से अपराध की दुनिया में कदम रखने के बाद लगातार संगीन वारदातों को अंजाम दे रहा था। उस पर हत्या, हत्या के प्रयास, लूट, डकैती और गैंगस्टर एक्ट जैसी गंभीर धाराओं में करीब 40 मुकदमे दर्ज हैं। चन्दौली में उसके खिलाफ 33 मामले हैं, जबकि वाराणसी के भेलूपुर और मिर्जापुर के अहरौरा थाने में भी कई गंभीर आपराधिक मामले लंबित हैं। पूर्व में वह कई बार जेल की सजा भी काट चुका है।
प्रधानपति की आड़ में चलता था 'अपराध का खेल'
धर्मेंद्र भारती का प्रभाव केवल सड़कों पर ही नहीं, बल्कि स्थानीय राजनीति में भी था। उसकी पत्नी के प्रधान बनने के बाद, वह 'प्रधानपति' की भूमिका में आ गया। इस राजनीतिक रसूख का इस्तेमाल कर वह खुद को बेगुनाह साबित करने की कोशिश करता था। इतना ही नहीं, वह अलीनगर थाने में बुलायी जाने वाली की शांति समिति की बैठकों में भी शामिल होकर अपनी छवि सुधारने का दिखावा करता था। ग्रामीणों के अनुसार, अपनी दबंगई के दम पर वह लोगों को डरा-धमका कर काम करवाता था।
इसलिए पुलिस को मारनी पड़ी गोली
पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि धर्मेंद्र भारती सकलडीहा कोतवाली के दीनदासपुर इलाके में छिपा हुआ है। पुलिस टीम ने उसे दबोचने का प्रयास किया, तो उसके रिश्तेदारों ने पुलिस कार्य में बाधा उत्पन्न की और उसे बचाने की कोशिश की। पुलिस ने अपराधियों को शरण देने वाले इन रिश्तेदारों के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। इसके बाद, मुठभेड़ के दौरान पुलिस टीम पर धर्मेंद्र ने फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोली उसके दोनों पैरों में लगी, जिससे वह घायल हो गया।
अब भाई को पकड़ने की चुनौती
फिलहाल पुलिस ने धर्मेंद्र भारती और उसके पिता को जेल भेज दिया है। अब पुलिस की अगली नजर उसके छोटे भाई भोला भारती पर है, जिसका हाल ही में एक ऑडियो क्लिप वायरल हुआ था। इस क्लिप में वह हत्या की साजिश रचते सुना गया था। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि बाकी फरार साथियों की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है। धर्मेंद्र की गिरफ्तारी पुलिस के लिए एक बड़ी सफलता मानी जा रही है।