जुआ सिंडिकेट से सांठगांठ में दो चौकी इंचार्ज सस्पेंड,  ADG की छापेमारी के बाद इंस्पेक्टर पहले ही हो चुके हैं लाइन हाजिर

 

मुगलसराय के सेमरा गांव में जुआ सिंडिकेट के खुलासे के बाद चंदौली पुलिस में हड़कंप मच गया है। ADG की टीम की छापेमारी और जुआरियों से मिलीभगत पाए जाने पर SP ने दो चौकी इंचार्ज को निलंबित और इंस्पेक्टर को लाइन हाजिर कर दिया है।

 
 

जुआ सिंडिकेट मामले में बड़ी कार्रवाई

जलीलपुर चौकी इंचार्ज अभिषेक शुक्ला निलंबित

दुल्हीपुर चौकी इंचार्ज धर्मदेव भी सस्पेंड

इंस्पेक्टर संतोष सिंह किए गए लाइन हाजिर

भ्रष्टाचार और मिलीभगत पर जीरो टॉलरेंस

चंदौली जनपद के पुलिस महकमे में उस वक्त हड़कंप मच गया जब जुआ सिंडिकेट और अवैध धंधों में पुलिसकर्मियों की कथित संलिप्तता उजागर हुई। ADG की स्पेशल टीम द्वारा मुगलसराय इलाके में की गई औचक छापेमारी के बाद मचे बवाल ने अब विभागीय कार्रवाई का रूप ले लिया है। पुलिस अधीक्षक (SP) आदित्य लांग्हे ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो चौकी इंचार्जों को निलंबित कर दिया है, जबकि संबंधित इंस्पेक्टर को लाइन हाजिर कर दिया गया है।

ADG की छापेमारी से खुली पोल
पूरा मामला मुगलसराय थाना क्षेत्र के सेमरा गांव से जुड़ा है, जहाँ पिछले दिनों जुए के एक बड़े फड़ पर छापेमारी हुई थी। इस रेड के दौरान लाखों रुपये की नकदी और दर्जनों मोटरसाइकिलें बरामद की गई थीं। ताज्जुब की बात यह रही कि स्थानीय पुलिस और खुफिया तंत्र (LIU) को इसकी भनक तक नहीं थी, जबकि जुआ सिंडिकेट चौकी से चंद कदमों की दूरी पर संचालित हो रहा था। ADG की टीम की इस सीधी कार्रवाई ने चंदौली पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे।

चौकी इंचार्ज और इंस्पेक्टर पर हुई बड़ी कार्रवाई
मामले की गंभीरता और जुआरियों के साथ सीधे कनेक्शन की पुष्टि होने के बाद, प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। जलीलपुर चौकी पर तैनात रहे अभिषेक शुक्ला को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। वहीं, मुगलसराय के प्रभारी निरीक्षक (Inspector) संतोष सिंह को भी इस विफलता और लापरवाही की गाज झेलनी पड़ी है; उन्हें लाइन हाजिर कर दिया गया है। इस कार्रवाई से यह स्पष्ट संदेश दिया गया है कि अपराध को संरक्षण देने वाले पुलिसकर्मियों को बख्शा नहीं जाएगा।

सूत्रों के अनुसार जुआ प्रकरण में मुगलसराय के रहे कारखास को चकरघट्टा व शाहबगंज थानों में तैनात किया गया था। लेकिन अब दो कारखास कर्मियों पर भी गाज गिरी है। विभाग ने दोनों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

दुल्हीपुर में भी उजागर हुआ अवैध नेटवर्क
अवैध धंधों का यह जाल केवल जुए तक सीमित नहीं था। मुगलसराय और जलीलपुर के बीच स्थित दुल्हीपुर क्षेत्र, जो बेहद संवेदनशील माना जाता है, वहां अवैध रूप से मांस का कारोबार फल-फूल रहा था। जांच में दुल्हीपुर चौकी इंचार्ज धर्मदेव सिंह और उनके करीबी 'कारखास' यादव जी की भूमिका संदिग्ध पाई गई। विभागीय जांच की आंच और एडीजी के कड़े तेवर को देखते हुए, प्रशासन ने दुल्हीपुर चौकी इंचार्ज धर्मदेव सिंह को भी सस्पेंड कर दिया है।

विभागीय जांच और आगे की संभावनाएं
इस सामूहिक कार्रवाई से पूरे चंदौली जिले की पुलिसिंग और खुफिया तंत्र की पोल खुल गई है। सूत्रों की मानें तो पुलिस महकमे में अभी और भी 'विकेट' गिर सकते हैं। मामले में कुछ अन्य कारखासों और पुलिसकर्मियों की कॉल डिटेल और संदिग्ध भूमिका की जांच चल रही है। एसपी आदित्य लांग्हे ने स्पष्ट किया है कि वर्दी की आड़ में अपराध को फलने-फूलने देने वाले किसी भी कर्मचारी के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी। फिलहाल, पूरे महकमे में इस कार्रवाई के बाद से सन्नाटा पसरा हुआ है।