सिलेंडर ब्लास्ट में रोशनी गंवा चुके चुन्नू ठठेरा के जीवन में लौटा उजाला, चेतना मंच के 250वें नेत्रदान ने बदला जीवन

 

सिलेंडर ब्लास्ट हादसे में अपनी दोनों आँखों की रोशनी खोने वाले लाट नंबर-1 निवासी चुन्नू ठठेरा के जीवन में दोबारा उजाला लौट आया है। चेतना मंच के प्रयासों और 250वें नेत्रदान की बदौलत हुए इस सफल ऑपरेशन की पूरी कहानी पढ़ें।

 
 

ब्लास्ट में गँवाई थी दोनों आँखें

चेतना मंच के प्रयासों से सफलता

जनपद का हुआ 250वां नेत्रदान

सर्जन डॉ. सुनील शाह ने किया ऑपरेशन

बाईं आँख का सफल कॉर्निया प्रत्यारोपण

 चिकित्सा विज्ञान और सामाजिक संवेदनशीलता के अनूठे संगम से एक बार फिर यह साबित हो गया है कि नेत्रदान वास्तव में किसी के लिए जीवनदान बन सकता है। पिछले दिनों एक दर्दनाक सिलेंडर ब्लास्ट की घटना में अपनी दोनों आँखों की रोशनी गंवा चुके लाट नंबर-1 के निवासी चुन्नू ठठेरा के जीवन में एक बार फिर से खुशियों का उजाला लौट आया है। सामाजिक संस्था के सहयोग और डॉक्टरों की टीम की मेहनत से चुन्नू अब इस खूबसूरत दुनिया को दोबारा देख पा रहे हैं।

सिलेंडर ब्लास्ट ने छीन ली थी दोनों आँखों की रोशनी
कुछ समय पहले हुए एक भयानक सिलेंडर ब्लास्ट हादसे की चपेट में आने के कारण चुन्नू ठठेरा गंभीर रूप से चोटिल हो गए थे। इस दुर्घटना का सबसे गहरा और दर्दनाक असर उनकी आँखों पर पड़ा, जिसके चलते उन्होंने अपनी दोनों आँखों की देखने की क्षमता पूरी तरह खो दी थी। चुन्नू के जीवन में चारों तरफ अचानक गहरा अंधेरा छा गया था, जिससे उनका पूरा परिवार गहरे सदमे और चिंता में डूब गया था। परिजनों को लगने लगा था कि शायद चुन्नू अब कभी अपने जीवन में इस रंग-बिरंगी दुनिया को दोबारा नहीं देख पाएंगे।

चेतना मंच और डॉ. विकास गर्ग की मुहिम लाई रंग
जब चुन्नू का परिवार सारी उम्मीदें खो चुका था, तब समाज में सक्रिय संवेदनशील लोगों की वजह से एक नई उम्मीद की किरण जागी। क्षेत्र में लगातार नेत्रदान, रक्त दान और अंगदान के लिए अलख जगा रहे 'चेतना नेत्र, रक्त व अंगदान मंच' के अध्यक्ष डॉ. विकास गर्ग की दूरदर्शी सोच और उनके निरंतर जागरूकता अभियान ने इस असंभव कार्य को संभव बना दिया। मंच के लगातार प्रयासों और प्रसिद्ध नेत्र सर्जन डॉ. सुनील शाह के साथ हुई गहन चर्चा के बाद चुन्नू ठठेरा के कॉर्निया प्रत्यारोपण की रूपरेखा तैयार की गई।

जनपद के 250वें नेत्रदान के अवसर पर हुआ सफल ऑपरेशन
संयोग और सेवा भाव का ऐसा सुखद मेल हुआ कि गुरुवार को जनपद में संस्था के माध्यम से 250वां नेत्रदान संपन्न हुआ। इस ऐतिहासिक और पुनीत अवसर पर चुन्नू ठठेरा को तत्काल अस्पताल बुलाया गया। वरिष्ठ डॉक्टरों की कुशल टीम ने बेहद आधुनिक तकनीक का उपयोग करते हुए उनकी बाईं आँख का सफल ऑपरेशन किया और नेत्र प्रत्यारोपण (कॉर्निया ट्रांसप्लांट) की प्रक्रिया को सफलतापूर्वक पूरा किया।

सफल सर्जरी के बाद जब चुन्नू की आँख से पट्टी हटाई गई, तो वह अपनी बाईं आँख से दुनिया को देखने में पूरी तरह सक्षम हो चुके थे। डॉक्टरों के अनुसार, चुन्नू की स्थिति अभी पूरी तरह स्थिर है और कुछ समय बीतने के बाद उनकी दूसरी आँख का भी नेत्र प्रत्यारोपण किया जाएगा, जिससे उनके जीवन में पूरी तरह से शत-प्रतिशत रोशनी लौट आएगी।

समाज को मिला मानवता और नेत्रदान का बड़ा संदेश
आज पूरा पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर (मुगलसराय) इस अद्वितीय और अत्यंत मानवीय पहल का साक्षी बन रहा है। चुन्नू ठठेरा की आँखों में लौटी यह रोशनी सिर्फ एक व्यक्ति के ठीक होने की कहानी नहीं है, बल्कि यह पूरे समाज के लिए एक बड़ा और प्रेरक संदेश है। यह घटना साबित करती है कि यदि किसी व्यक्ति के निधन के बाद उसके परिजन जागरूकता और संवेदनशीलता दिखाते हुए समय पर नेत्रदान का फैसला लें, तो वह जाते-जाते भी किसी नेत्रहीन के अंधकारमय जीवन को रोशन कर सकता है। समाज के प्रत्येक नागरिक का यह परम कर्तव्य है कि वे मृत्यु के बाद नेत्रदान करने का संकल्प लें और दूसरों को भी इस महादान के लिए प्रेरित करें।